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अमृतसर: शहीद भाई जसवंत सिंह खालड़ा की बरसी पर धार्मिक समागम कार्यक्रम का आयोजन

शाहिल शर्मा Updated Sun, 06 Sep 2026 02:49 PM IST

शहीद भाई जसवंत सिंह खालड़ा की बरसी के अवसर पर रविवार को सचखंड श्री दरबार साहिब परिसर स्थित गुरुद्वारा शहीद बाबा गुरबख्श सिंह जी में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की ओर से धार्मिक समागम करवाया गया। यह समागम श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों के अनुसार आयोजित किया गया। इस दौरान श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले गए और रागी सिंहों ने गुरबाणी का मनोहर कीर्तन किया। समागम में भाई जसवंत सिंह खालड़ा की बहन और मामले की मुख्य गवाह रहे भाई कुलदीप सिंह बचड़ा की पत्नी को सिरोपाओ देकर सम्मानित किया गया। श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि सिख कौम अपने शहीदों को हमेशा याद रखती है। उन्होंने कहा कि भाग्यशाली लोगों को ही शहादत का जाम मिलता है। भाई जसवंत सिंह खालड़ा ने श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के दिखाए मार्ग पर चलते हुए मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अपना जीवन कुर्बान किया। उन्होंने कहा कि खालड़ा ने पंजाब में हुए अन्याय और लावारिस बताकर अंतिम संस्कार कर दी गईं देहों की सच्चाई दुनिया के सामने लाने का काम किया। उनकी शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता। जत्थेदार गड़गज्ज ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों द्वारा की जाने वाली कथित धक्केशाही की निंदा करते हुए कहा कि अधिकारियों को जुल्म से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसे कार्यों का हिसाब इसी दुनिया में और आगे भी देना पड़ता है। उन्होंने बताया कि हरिके पत्तन में शहीदी यादगार बनाने के लिए जमीन देखने का काम जारी है। इसके अलावा वर्ष 1982 से 1995 तक शहीद हुए निर्दोष सिखों और अन्य लोगों का डाटा एकत्र कर यादगारी रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। समागम के अंत में उन्होंने पहुंची संगत और एसजीपीसी प्रबंधकों का धन्यवाद किया।

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