पंजाब में हुई बारिश के बाद अमृतसर की भगतांवाला दाना मंडी में खुले में रखे धान की सुरक्षा को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। मंडी में धान लेकर पहुंचे किसानों को फसल भीगने के कारण उसे सुखाने और खरीद के लिए तैयार करने की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। किसानों का कहना है कि बारिश के कारण मंडियों में खुले में रखी फसल को नुकसान होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में धान की खरीद और उठान की प्रक्रिया समय पर पूरी होना जरूरी है। भगतांवाला दाना मंडी में किसान बाज सिंह ने बताया कि बारिश के कारण खुले में रखे धान को संभालना किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। फसल भीगने पर उसे दोबारा सुखाने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। इससे समय और खर्च दोनों बढ़ते हैं। किसानों को यह चिंता भी रहती है कि धान में नमी बढ़ने के कारण सरकारी खरीद एजेंसियां फसल खरीदने में आनाकानी न करें। उधर, मंडी से जुड़े अधिकारी जसपाल सिंह के अनुसार, बारिश के बाद मंडी में धान की स्थिति, नमी और खरीद प्रक्रिया का जायजा लेना जरूरी है। सरकारी खरीद के निर्धारित मानकों के अनुसार धान में नमी की मात्रा 17 प्रतिशत तक होनी चाहिए। नमी अधिक होने पर फसल को सुखाने की जरूरत पड़ सकती है। बारिश के बाद किसानों को उम्मीद है कि मंडी में जलनिकासी, फसल को ढकने और धान की जल्द खरीद व उठान के लिए उचित व्यवस्था की जाएगी, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।