श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रथम प्रकाश पर्व को लेकर सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब (श्री दरबार साहिब) में श्रद्धा और आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अमृतसर पहुंचे और गुरु घर में नतमस्तक होकर गुरबाणी कीर्तन का आनंद लिया। श्री दरबार साहिब में की गई फूलों की आकर्षक और अलौकिक सजावट श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। फूलों से सजे परिसर की सुंदरता और आध्यात्मिक वातावरण ने संगत का मन मोह लिया। श्रद्धालु कतारों में अनुशासन और श्रद्धा के साथ अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। विभिन्न शहरों और गांवों से परिवारों के साथ पहुंचे श्रद्धालुओं ने धन-धन श्री गुरु रामदास जी का शुक्राना किया। संगत ने कहा कि श्री दरबार साहिब में पहुंचकर मन को अलग तरह का सुकून और आध्यात्मिक शांति मिलती है। यहां की गुरबाणी और वातावरण मानसिक तनाव को दूर कर मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। संगत की भारी आमद को देखते हुए प्रबंधकों की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गईं। श्रद्धालुओं को सुचारू ढंग से दर्शन करवाने के साथ भीड़ को नियंत्रित करने पर भी ध्यान दिया गया। पूरे दिन श्री दरबार साहिब में गुरबाणी कीर्तन और नाम सिमरन का प्रवाह जारी रहा। गुरबाणी की मधुर ध्वनि और फूलों से सजे दरबार साहिब का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभव का केंद्र बना रहा।