श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 225 पावन स्वरूपों को कनाडा के सरी भेजने की प्रक्रिया और धार्मिक मर्यादा के कथित उल्लंघन का मामला एक बार फिर गरमा गया है। आवाज-ए-कौम, मिसल पंजाब और शिरोमणि अकाली दल अमृतसर समेत विभिन्न सिख संगठनों ने इस मामले में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से जवाबदेही और स्पष्ट स्पष्टीकरण की मांग की है। संगठनों का आरोप है कि 225 पावन स्वरूपों को कंटेनरों अथवा बसों के माध्यम से भेजे जाने के दौरान आवश्यक धार्मिक मर्यादा का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि पावन स्वरूपों को पांच सिंहों की मौजूदगी के बिना भेजना मर्यादा के विपरीत है। वहीं, सरी में पावन स्वरूपों को वाहनों की डिग्गियों में ले जाने से संबंधित सामने आई वीडियो को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। संगठनों ने 225 स्वरूपों की मांग करने वाले परिवारों और गुरुघरों की पूरी सूची, संबंधित अथॉरिटी का विवरण तथा हरजिंदर सिंह मेहता की ओर से की गई जांच की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। निजी जांच के हवाले से यह दावा भी किया गया है कि 225 में से छह पावन स्वरूप अमेरिका भेजे गए थे। संगठनों ने इसकी भी जांच की मांग की है। आवाज-ए-कौम संगठन के नेता हरजिंदर सिंह और नोबलजीत सिंह ने कहा कि लगातार मांगपत्र देने के बावजूद उन्हें कोई लिखित जवाब या स्पष्ट आदेश नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अब इस मामले को ‘पंथ की कचहरी’, यानी संगत के सामने ले जाया जाएगा और पंजाब भर में पोस्टर लगाए जाएंगे। उधर, कनाडा के सरी स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा के बाहर संगत की ओर से कथित तौर पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और जवाबदेही की मांग को लेकर धरना भी शुरू किया गया है। संगठनों ने कहा कि अब SGPC और श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से मामले में दिए जाने वाले आधिकारिक जवाब का इंतजार है।