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महंगाई की मार: सब्जियों के बढ़ते दाम से आम आदमी बेहाल, बाजार में खरीदारी का गणित बदला

Sun, 04 Oct 2026 05:44 PM IST
उमरिया ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया

कभी दो से तीन किलो सब्जियां खरीदकर घर लौटने वाले ग्राहक अब आधा किलो और पाव भर में ही काम चलाने को मजबूर हैं। लगातार हुई बारिश के बाद सब्जियों की कीमतों में आई तेजी ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। टमाटर से लेकर भिंडी तक के बढ़ते दामों ने गृहिणियों की चिंता बढ़ा दी है। सीमित आमदनी और बढ़ते घरेलू खर्च के बीच अब बाजार में सब्जियां खरीदना भी लोगों के लिए सोच-समझकर उठाया जाने वाला कदम बन गया है।

बारिश के बाद बढ़े सब्जियों के भाव
सब्जी विक्रेता रघुवीर केवट के मुताबिक, बीते दिनों लगातार हुई बारिश के कारण सब्जियों की आवक प्रभावित हुई है। इसका असर बाजार में कीमतों पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि बीते रविवार तक टमाटर करीब 40 रुपये किलो बिक रहा था, लेकिन अब इसकी कीमत बढ़कर 50 रुपये प्रति किलो हो गई है। इसी तरह अन्य सब्जियों के दामों में भी 10 से 15 रुपये प्रति किलो तक की तेजी देखी जा रही है। भिंडी के भाव में भी उछाल आया है। पहले जो भिंडी 30 से 40 रुपये किलो के आसपास बिक रही थी, अब उसके लिए ग्राहकों को करीब 50 रुपये प्रति किलो चुकाने पड़ रहे हैं। विक्रेता के अनुसार, बारिश के कारण सब्जियों की आवक प्रभावित होने से बाजार में कीमतें बढ़ी हैं।

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महंगाई ने बदला ग्राहकों का खरीदारी का तरीका
सब्जियों के बढ़ते दामों का असर अब बाजार में ग्राहकों की खरीदारी पर साफ नजर आने लगा है। रघुवीर केवट बताते हैं कि पहले ग्राहक दो से तीन किलो तक सब्जियां खरीदकर ले जाते थे, लेकिन अब महंगाई के कारण कई ग्राहक आधा किलो या पाव भर सब्जी लेकर ही लौट रहे हैं। इससे सब्जी विक्रेताओं के कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। कीमतें बढ़ने के कारण ग्राहक जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी कर रहे हैं।

सीमित आमदनी में घर चलाना हुआ मुश्किल
गृहिणी माला गुप्ता ने बताया कि सब्जियों के बढ़ते दामों ने घरेलू बजट को प्रभावित किया है। आमदनी सीमित है, जबकि रोजमर्रा के खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में परिवार के लिए जरूरी सब्जियां खरीदना भी मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले सप्ताहभर के लिए सब्जियां एक साथ खरीद ली जाती थीं, लेकिन अब दाम देखकर खरीदारी करनी पड़ रही है। कई बार जरूरत की सब्जियां भी कम मात्रा में खरीदनी पड़ती हैं, ताकि दूसरे घरेलू खर्चों पर ज्यादा असर न पड़े।

राहत का इंतजार कर रहे लोग
सब्जियां रोजमर्रा के भोजन का अहम हिस्सा हैं। ऐसे में इनकी कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम परिवारों की थाली पर पड़ता है। फिलहाल ग्राहक बाजार में उपलब्ध सब्जियों के भाव देखकर खरीदारी कर रहे हैं। लोगों को उम्मीद है कि बारिश का असर कम होने और सब्जियों की आवक सामान्य होने के बाद कीमतों में राहत मिलेगी। तब तक महंगी सब्जियों के बीच घरेलू बजट संभालना आम परिवारों के लिए चुनौती बना रहेगा।  

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