रीवा के सिरमौर चौराहे पर कल्पना मिश्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में गुरुवार को उस वक्त नया मोड़ आ गया, जब कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। विधायक धरना स्थल पर पहुंचे थे और एक दिन पहले पुलिस द्वारा कल्पना मिश्रा के पिता राम शिरोमणि मिश्रा को धरना स्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराए जाने की कार्रवाई का विरोध कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस विधायक को अपने साथ थाने ले गई।
रीवा के शासकीय गांधी स्मारक अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत के बाद कल्पना मिश्रा का मामला लगातार सुर्खियों में है। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर की मांग की है। मामले में अस्पताल प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को हटाने के साथ डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर भी कार्रवाई की जा चुकी है।
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एफआईआर की मांग को लेकर कल्पना मिश्रा के पिता राम शिरोमणि मिश्रा ने सिरमौर चौराहे पर आमरण अनशन शुरू किया था। करीब 15 दिनों तक उनका अनशन जारी रहा। कांग्रेस सहित कई सामाजिक संगठनों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। 16 सितंबर को पुलिस और प्रशासन की टीम धरना स्थल पहुंची। अधिकारियों ने राम शिरोमणि मिश्रा के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उन्हें धरना स्थल से हटाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इस दौरान धरना स्थल पर मौजूद कुछ अन्य लोगों को भी पुलिस अपने साथ ले गई और टेंट हटाया गया।
पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में 17 सितंबर को कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा धरना स्थल पहुंचे। विधायक ने राम शिरोमणि मिश्रा को धरना स्थल से हटाए जाने का विरोध किया और कल्पना मिश्रा के परिजनों की एफआईआर की मांग का समर्थन किया। इसी दौरान पुलिस ने विधायक को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम के बीच कल्पना मिश्रा के परिजनों की एफआईआर की मांग और आंदोलन को लेकर प्रशासन तथा प्रदर्शनकारियों के बीच गतिरोध बना हुआ है। पुलिस की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस और समर्थकों की ओर से विरोध जताया जा रहा है।