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बैतूल: बदहाल सड़क पर भड़के ग्रामीण, पांचवीं बार गुहार लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, कहा- शव ले जाना भी हुआ मुश्किल

Tue, 22 Sep 2026 07:50 PM IST
बैतूल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूल

जिले की मुलताई तहसील के ग्राम पारबिरोली में सड़क और पुल की बदहाली ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बनी हुई है। ग्राम पंचायत खड़कवार से पारबिरोली को जोड़ने वाली करीब 2 किलोमीटर लंबी सड़क आज भी कच्ची और बेहद खराब स्थिति में है। यह दोनों पंचायतों को जोड़ने वाला मुख्य रास्ता है, जो कि छिंदवाड़ा हाईवे से जुड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार कई वर्षों से मांग के बावजूद अब तक सड़क का डामरीकरण नहीं हो सका है।

बारिश के दिनों में सड़क पर जगह-जगह पानी भर जाता है और पूरा रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है, जिस पर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। दोपहिया वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है, जबकि चार पहिया वाहनों की आवाजाही भी मुश्किल हो जाती है।

2 से 3 फीट पानी में डूब जाता है पुल
ग्रामीणों के मुताबिक सबसे बड़ी परेशानी सड़क के बीच बने पुल को लेकर है। बारिश के दौरान पुल पर करीब 2 से 3 फीट तक पानी भर जाता है। ऐसे में स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को जोखिम उठाकर पुल पार करना पड़ता है।

ग्रामीणों के लिए यह रास्ता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी मार्ग पर ग्राम खड़कवार का श्मशान घाट स्थित है। यानी रोजमर्रा के आवागमन के साथ अंतिम यात्रा के लिए भी लोगों को इसी बदहाल सड़क और पानी से भरे पुल से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का दावा है कि कई बार लोग दलदल और पुल पर भरे पानी में गिरकर हादसों का शिकार हो चुके हैं।

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पांच साल से लगा रहे गुहार
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण और पुल को ऊंचा करने की मांग को लेकर वे पिछले पांच साल से लगातार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा रहे हैं। विधायक, सांसद, जनपद पंचायत से लेकर कलेक्टर तक कई बार आवेदन दिए जा चुके हैं। पारबिरोली और खड़कवार के ग्रामीण इस मांग को लेकर पांचवीं बार जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे हैं। ग्रामीणों के अनुसार पिछली बार 40 से 50 लोग बस से कलेक्ट्रेट पहुंचे थे, जबकि इस बार भी करीब 25 से 30 ग्रामीण अपनी समस्या लेकर पहुंचे हैं। उनका कहना है कि हर बार उन्हें आश्वासन मिलता है लेकिन अब तक मौके पर कोई अधिकारी जांच करने तक नहीं पहुंचा।

खेती-किसानी से लेकर इलाज तक परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण खेती-किसानी के समय खाद और बीज लाने में भी परेशानी होती है। उन्हें करीब 4 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। बच्चों को स्कूल जाने और बीमार लोगों को अस्पताल ले जाने में भी सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। ग्रामीणों ने एक बार फिर प्रशासन से मांग की है कि खड़कवार से पारबिरोली तक करीब 2 किलोमीटर सड़क का डामरीकरण कराया जाए और बीच में बने पुल को ऊंचा किया जाए, ताकि बारिश के दौरान आवागमन बाधित न हो।

ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से समस्या झेलने के बावजूद उन्हें अब तक केवल आश्वासन मिले हैं। उनका सवाल है कि सुरक्षित आवागमन और जरूरी सुविधाओं के लिए उन्हें आखिर कब तक इंतजार करना पड़ेगा।

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