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दवा विक्रेताओं का बड़ा फैसला: मृत बैगा बच्चों को न्याय दिलाने के लिए कल बालाघाट में आधे दिन की हड़ताल

Wed, 02 Sep 2026 10:52 PM IST
बालाघाट ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट

बालाघाट जिले के वनांचल क्षेत्रों में मासूम बैगा बच्चों की लगातार हुई मौतों के मामले को लेकर अब विभिन्न संगठनों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसीक्रम में बालाघाट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने भी 3 सितंबर को प्रस्तावित बालाघाट बंद को अपना समर्थन देने का निर्णय लिया है।

एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष सुरेश सोनी एवं पदाधिकारी प्रियांक वर्मा ने बुधवार 2 सितंबर को पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि मासूम बच्चों की मौत के मामले में शासन-प्रशासन को गंभीरता से जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की मौत जैसी संवेदनशील घटना को केवल आर्थिक सहायता देकर समाप्त नहीं किया जा सकता, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक जिम्मेदारों की जवाबदेही निर्धारित करना जरूरी है। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि बालाघाट जिले में मासूम बैगा बच्चों की दुखद मौत के बावजूद अब तक किसी जिम्मेदार व्यक्ति की स्पष्ट जवाबदेही तय नहीं होना बेहद चिंताजनक है। उनका कहना है कि यदि इतनी गंभीर घटना के बाद भी जिम्मेदारी निर्धारित नहीं की जाती है तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास प्रभावित होता है। संगठन ने मांग की कि शासन मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराए तथा लापरवाही सामने आने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।

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सिर्फ सहायता राशि से कुछ नहीं होगा 
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि मृत बच्चों के परिजनों को सहायता राशि उपलब्ध कराना अपनी जगह आवश्यक है, लेकिन इससे घटना की वास्तविक जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती। उन्होंने कहा कि सरकार को यह पता लगाने की जरूरत है कि आखिर किन परिस्थितियों में मासूम बच्चों की मौत हुई और समय रहते उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं क्यों नहीं मिल पाईं। घटना के कारणों की तह तक जाकर यदि कहीं प्रशासनिक या स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

संगठन ने कहा कि बच्चों की मौत के मामले में किसी निर्दोष व्यक्ति को कार्रवाई का सामना न करना पड़े, लेकिन जो भी वास्तव में जिम्मेदार हैं, उनके विरुद्ध त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत से जुड़ी घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां घटना के बाद शासन स्तर पर तत्काल कार्रवाई की गई थी। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में जांच के आधार पर जिम्मेदारी निर्धारित करना जरूरी है, ताकि निर्दोषों को परेशान किए बिना वास्तविक दोषियों तक पहुंचा जा सके।

29 मासूम बच्चों की मौत पर उठाए सवाल 
एसोसिएशन पदाधिकारियों ने बालाघाट में 29 मासूम बैगा बच्चों की मौत का उल्लेख करते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की मृत्यु होना अत्यंत गंभीर और हृदयविदारक विषय है। उन्होंने कहा कि इस मामले में केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय घटना के प्रत्येक पहलू की जांच की जानी चाहिए। स्वास्थ्य सुविधाओं, उपचार, दवाओं की उपलब्धता, पोषण व्यवस्था और प्रशासनिक स्तर पर हुई संभावित लापरवाही सहित सभी बिंदुओं को जांच के दायरे में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मासूम बच्चों की मौत को किसी भी स्थिति में सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सरकार को संवेदनशीलता के साथ पूरे मामले की समीक्षा कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था करनी चाहिए।

1 बजे तक दुकान रहेगी बंद
बालाघाट बंद को समर्थन देने के निर्णय के संबंध में केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने बताया कि 3 सितंबर को जिले में प्रस्तावित बंद के दौरान एसोसिएशन से जुड़ी सभी दवा दुकानें दोपहर 1 बजे तक बंद रहेंगी। इस दौरान संगठन की ओर से दिवंगत मासूम बच्चों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की जाएगी। एसोसिएशन ने आम लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए बंद को समर्थन देने की बात कही है। संगठन का कहना है कि बच्चों की मौत के मामले में न्यायपूर्ण जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग को लेकर वह सामाजिक सरोकार के तहत बंद का समर्थन कर रहा है।  

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