गोमती नदी का पानी बढ़ने से घैला गांव पूरी तरह जलमग्न हो गया है। करीब छह हजार की आबादी वाले इस गांव में चारों ओर पानी ही पानी है। गांव से बाहर निकलने का इकलौता रास्ता भी डूब चुका है। ऐसे में ग्रामीण जान-माल और मवेशियों को बचाने के लिए उन्हें लेकर आईआईएम रोड पर पहुंच गए हैं। जलभराव ने गांव के लोगों की रोजी-रोटी पर भी चोट की है। दूध और खेती के कारोबार से जुड़े ग्रामीणों का कहना है कि पानी भरने से कारोबार प्रभावित हो गया है, लेकिन अब तक शासन-प्रशासन की ओर से कोई राहत नहीं मिली है।