गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से भैंसाकुंड स्थित वैकुंठ धाम में स्थिति चिंताजनक हो गई है। नदी का पानी शवदाह स्थल के चबूतरों तक पहुंच गया है। जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो चबूतरों के पूरी तरह डूबने की आशंका है। अंतिम संस्कार के लिए वैकुंठ धाम पहुंचे परिजनों के सामने अब दाह संस्कार के साथ राख और अस्थियां (फूल) सुरक्षित रखने की चुनौती भी खड़ी हो गई है। परिजनों का कहना है कि पानी बढ़ने से अंतिम संस्कार के बाद राख और अस्थियां चुनना मुश्किल हो सकता है। परिजन दाह संस्कार पूरा होने तक मौके पर ही डटे हुए हैं। उनका कहना है कि जैसे ही अंतिम संस्कार पूरा होगा, वे पानी के बीच से राख और अस्थियां एकत्र करने का प्रयास करेंगे। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए परिजन लगातार नदी की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। गोमती का जलस्तर बढ़ने से वैकुंठ धाम के आसपास भी पानी का दबाव बढ़ रहा है। इससे अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि यदि पानी और बढ़ा तो यहां अंतिम संस्कार की व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।