भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला बुधवार को लखनऊ स्थित 'यूनिवर्सल बुक सेलर' पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी पत्नी के साथ अपनी नई पुस्तक 'The Second Orbit' (द सेकंड ऑर्बिट) का विमोचन किया। विमोचन के बाद उन्होंने लगभग एक घंटे तक पुस्तक और अपने अंतरिक्ष अनुभवों पर विस्तार से चर्चा की। पिछले वर्ष नासा-इसरो (NASA-ISRO) के संयुक्त मिशन के तहत अंतरिक्ष में एक महीने से अधिक समय बिताने वाले शुभांशु ने अपनी इस यात्रा के अनुभव छात्र-छात्राओं के साथ साझा किए। उन्होंने बच्चों के स्पेस और पुस्तक से जुड़े विभिन्न सवालों के सहज जवाब दिए। छात्रों को सफलता का गुरुमंत्र देते हुए उन्होंने कहा, "आज आप जहां खड़े हैं, कभी हम भी वहीं हुआ करते थे। कहानी कहीं से भी शुरू हो सकती है। बचपन में क्लासरूम में देखा ख्वाब कब स्पेस तक पहुंच गया, पता ही नहीं चला।" उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करें, क्योंकि यदि आप ठान लें तो दुनिया में सब कुछ संभव है।