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यूजीसी के खिलाफ राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट में नारेबाजी

नीरज नरवरिया Updated Tue, 08 Sep 2026 06:51 PM IST

झांसी। यूजीसी के खिलाफ देशभर में उठ रहे विरोध के स्वरों के बीच मंगलवार को झांसी में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष सुयोग्य संजय शर्मा के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता कचहरी के पास स्थित गांधी उद्यान में एकत्र हुए। यहां धरना देकर यूजीसी के खिलाफ नारेबाजी की गई। इसके बाद कार्यकर्ता हाथों में विभिन्न नारों वाली तख्तियां लेकर गांधी उद्यान से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे। कलेक्ट्रेट में राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया। ज्ञापन में यूजीसी के सभी विवादित नियमों एवं प्रावधानों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने, राष्ट्रीय सामान्य वर्ग आयोग का गठन करने और उसे प्रभावी संवैधानिक एवं कानूनी अधिकार देने की मांग की गई। इसके अलावा समान अवसर एवं योग्यता आधारित व्यवस्था बनाए रखने, सभी विद्यार्थियों के लिए समान सुरक्षा लागू करने और शिक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण नीतियां लागू करने से पहले विद्यार्थियों, शिक्षाविदों, अभिभावकों और समाज के विभिन्न वर्गों से व्यापक सुझाव एवं परामर्श लेने की मांग की गई। आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष सहायता की व्यवस्था किए जाने की भी मांग उठाई गई। 'यूजीसी स्वर्ण समाज के विरोध में लाया गया कानून' जिला अध्यक्ष सुयोग्य संजय शर्मा ने कहा कि यूजीसी के प्रावधान सीधे तौर पर स्वर्ण समाज के विरोध में हैं। उन्होंने कहा कि पहले से ही अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम के दुरुपयोग की शिकायतें सामने आती रही हैं। नए प्रावधानों से इसका दुरुपयोग और बढ़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि आरक्षण सभी को समान रूप से दिया जाना चाहिए। आज स्थिति यह है कि बड़े-बड़े अधिकारियों के बच्चों को भी आरक्षण का लाभ मिल रहा है, जबकि योग्य लोग पीछे रह जा रहे हैं। यदि आरक्षण व्यवस्था लागू करनी है तो सवर्ण वर्ग के लिए भी आरक्षण होना चाहिए। यदि जातिगत आधार पर व्यवस्था लागू की जाती है तो सभी जातियों के लिए अलग-अलग आरक्षण की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि विश्व युद्ध के कयास भले ही लगाए जा रहे हों, लेकिन मौजूदा हालात में सामाजिक टकराव की स्थिति ज्यादा दिखाई दे रही है। यदि इस कानून को वापस नहीं लिया गया तो मोर्चा भूख हड़ताल करने और सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होगा।

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