सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें सोमवार को मुंबई के बॉम्बे अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी बढ़ने के बाद अन्ना हजारे को उनके गांव में उनकी देखभाल करने वाले लोगों के साथ कार्डियक एंबुलेंस के जरिए अस्पताल लाया गया। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें आईसीयू में भर्ती किया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। बताया गया है कि अन्ना हजारे को वायरल संक्रमण के साथ शरीर में पानी की गंभीर कमी यानी डिहाइड्रेशन की समस्या है। इसके अलावा किडनी से जुड़ी परेशानी भी सामने आने की बात कही गई है। इन स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए डॉक्टर उनकी स्थिति पर विशेष नजर बनाए हुए हैं और जरूरी जांच कर रहे हैं। अन्ना हजारे का इलाज डॉक्टर गौतम भंसाली की देखरेख में किया जा रहा है।
अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद चिकित्सकों ने उनकी आवश्यक मेडिकल जांच शुरू कर दी है, ताकि उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति का सही आकलन किया जा सके और आगे के इलाज की दिशा तय की जा सके। डॉक्टर गौतम भंसाली के मुताबिक, फिलहाल अन्ना हजारे की जरूरी जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही उनके इलाज को लेकर आगे का निर्णय लिया जाएगा। डॉक्टरों की टीम उनकी स्वास्थ्य स्थिति, संक्रमण और शरीर में पानी की कमी के साथ-साथ किडनी से जुड़ी समस्या की भी बारीकी से निगरानी कर रही है। उम्र को देखते हुए चिकित्सक किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते और इसी कारण उन्हें आईसीयू में रखकर लगातार मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।
अन्ना हजारे देश के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ताओं में शामिल हैं और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलनों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान बनी है। उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आने के बाद उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में चिंता का माहौल है। हालांकि, फिलहाल डॉक्टरों की ओर से उनकी विस्तृत स्वास्थ्य स्थिति और जांच रिपोर्ट को लेकर अंतिम जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि जांच के परिणाम मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उनकी स्थिति कितनी गंभीर है और उन्हें किस प्रकार के उपचार की आवश्यकता होगी। फिलहाल अन्ना हजारे को अस्पताल के आईसीयू में चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है और डॉक्टर उनकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। आने वाली मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उनके उपचार की अगली रणनीति तय की जाएगी।