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सफेद स्कॉर्पियो कर रही दिपके का पीछा? तिरंगा मार्च से पहले अभिजीत ने किया गिरफ्तारी का दावा

Fri, 16 Oct 2026 03:53 AM IST
Adarsh Jha अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

तिरंगा फहराने की जिद, गिरफ्तारी का डर और दिल्ली में पुलिस की चौकसी! कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया है कि उन्हें आज रात या शुक्रवार सुबह गिरफ्तार किया जा सकता है। झंडेवालान में आधी रात को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिपके ने साफ कहा कि अगर तिरंगा फहराने के लिए जेल जाना पड़ा, तो वो इसके लिए भी तैयार हैं। शुक्रवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने के उनके ऐलान के बाद दिल्ली में हलचल तेज है। दिपके ने पुलिस पर निगरानी करने का आरोप लगाया है, तो दूसरी तरफ प्रशासन ने सेंट्रल पार्क को दो दिनों के लिए बंद रखने का फैसला किया है। मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। सवाल है कि क्या सीजेपी का तिरंगा कार्यक्रम हो पाएगा, या पुलिस और प्रशासन इसे रोकने के लिए कार्रवाई करेंगे?

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने गुरुवार आधी रात झंडेवालान में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की आशंका जताई। उनका कहना है कि आज रात या शुक्रवार सुबह उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। दिपके ने कहा कि अगर देश में तिरंगा फहराने के लिए जेल जाना पड़े, तो वे इसके लिए तैयार हैं। उन्होंने 10 अक्टूबर के अपने विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय दिल्ली में बसें, मेट्रो और रेल सेवाएं बंद की गईं, इंटरनेट पर रोक लगाई गई और जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई। दिपके का आरोप है कि अब 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने का ऐलान किया, तो पार्क ही बंद कर दिया गया।

इससे पहले दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी निगरानी किए जाने का दावा भी किया था। उन्होंने लिखा कि जिस जगह पर वे ठहरे हुए हैं, उसे सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों ने चारों तरफ से घेर रखा है। दिपके ने यह भी आरोप लगाया कि सफेद रंग की स्कॉर्पियो लगातार उनका पीछा कर रही है। हालांकि, पुलिस की निगरानी और पीछा किए जाने के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। शुक्रवार को प्रस्तावित तिरंगा कार्यक्रम को देखते हुए दिल्ली पुलिस और प्रशासन सतर्क हैं।

उधर, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद यानी एनडीएमसी ने सार्वजनिक सूचना जारी कर बताया है कि प्रशासनिक कारणों से कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क शुक्रवार और शनिवार को आम लोगों के लिए बंद रहेगा। वहीं, इस कार्यक्रम को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की गई है। गुरुवार को सुनवाई के दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव सांबरे और न्यायमूर्ति संजय शर्मा की पीठ ने दिल्ली पुलिस की ओर से दिए गए आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया। पुलिस और केंद्र सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि प्रस्तावित गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए कानून के तहत जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

दरअसल, यह याचिका कनॉट प्लेस स्थित पालिका बाजार के रेहड़ी-पटरी विक्रेता अनिल कुमार गुप्ता ने दायर की है। याचिका में सीजेपी को सेंट्रल पार्क या किसी अन्य गैर-निर्धारित स्थान पर आंदोलन, प्रदर्शन, मार्च या सभा आयोजित करने से रोकने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता सच्चिन पुरी ने अदालत में दलील दी कि प्रदर्शन से कनॉट प्लेस के कारोबार पर असर पड़ सकता है। उन्होंने त्योहारों के दौरान कारोबारियों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका भी जताई। याचिकाकर्ता के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह से व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और सप्ताहांत में भी व्यवधान जारी रहा, तो नुकसान बढ़ सकता है।

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने अदालत को आश्वासन दिया कि कानून के तहत सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। अदालत ने इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर के लिए तय की है। फिलहाल, सेंट्रल पार्क बंद रखने के फैसले, पुलिस की तैयारियों और दिपके की गिरफ्तारी की आशंका के बीच सबकी नजर शुक्रवार के घटनाक्रम पर टिकी है।

एक तरफ अभिजीत दिपके तिरंगा फहराने के अपने ऐलान पर कायम रहने की बात कह रहे हैं, तो दूसरी तरफ प्रशासन ने सेंट्रल पार्क बंद रखने का फैसला किया है। मामला अदालत तक पहुंच चुका है और पुलिस ने कानून के तहत जरूरी कदम उठाने का भरोसा दिया है। अब देखना होगा कि शुक्रवार को सीजेपी का कार्यक्रम किस रूप में सामने आता है और दिल्ली में इस पूरे मामले पर क्या कार्रवाई होती है।

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