देश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिसके चलते कई राज्यों में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 5 सितंबर को मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर कई इलाकों में देखने को मिल सकता है। इसके चलते कुछ स्थानों पर भारी से लेकर बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। वहीं, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में भी कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में बारिश के बावजूद गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है।
मध्य प्रदेश में 5 सितंबर को मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रहने का अनुमान है। पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और इसके आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। लगातार तेज बारिश होने की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। कई जगहों पर सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित होने और लोगों की आवाजाही मुश्किल होने की आशंका है।
बारिश के कारण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा सकती है। जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चलाने से बचना और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी होगा। वहीं, किसानों के लिए भी लगातार बारिश का असर फसलों पर पड़ सकता है, इसलिए स्थानीय मौसम की स्थिति के अनुसार आवश्यक सावधानी बरतना महत्वपूर्ण होगा।
मध्य प्रदेश के अलावा झारखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं। कुछ इलाकों में तेज बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात संबंधी परेशानी देखने को मिल सकती है। दूसरी ओर, उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में मौसम पूरी तरह राहत देने वाला नहीं रहेगा और यहां गर्मी तथा उमस का असर लोगों को परेशान कर सकता है।
कुल मिलाकर, 5 सितंबर को देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता देखने को मिलेगी। खासकर मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना इस दौरान सबसे जरूरी होगा।