ऊना। अंब की ऐतिहासिक रामलीला में मंगलवार को करीब 100 साल पुरानी परंपरा में बदलाव हुआ। पहली बार भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के स्वरूप पालकीनुमा सिंहासन की जगह रथ पर सवार होकर देवी मंदिर से रामलीला मैदान पहुंचे। शोभायात्रा के रवाना होने के दौरान एसडीएम अंब पारस अग्रवाल भी मौजूद रहे। अब तक आठ से दस लोग सिंहासन को कंधों पर उठाकर शोभायात्रा निकालते थे। सिंहासन उठाने वाले कई लोगों के बुजुर्ग होने और युवाओं की कम रुचि के चलते रामलीला कमेटी ने रथ की व्यवस्था की है। कमेटी पदाधिकारी राजेश गौतम, राजेश ठाकुर, राघव ठाकुर और आशु राणा ने बताया कि रथ पंजाब में तैयार करवाया गया है और इसका संचालन चालक करेगा। व्यवस्था में बदलाव का उद्देश्य रामलीला की वर्षों पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाना है।