सोलन शहरी कांग्रेस की पहली बैठक का आयोजन सोलन में किया गया। बैठक में संगठन को मजबूत करने के साथ कांग्रेस सरकार की योजनाओं और नीतियों को घर-घर तक पहुंचाने को लेकर रणनीति तैयार की गई। बैठक में शहर के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बैठक में कांग्रेस प्रभारी अमिता वर्मा, जिलाध्यक्ष सुभाष वर्माणी समेत पार्टी के कई नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान संगठन को बूथ और वार्ड स्तर पर मजबूत करने तथा कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर जोर दिया गया। बैठक में सोलन शहर की पेयजल समस्या का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। कांग्रेस पदाधिकारियों ने शहर में कई दिनों तक पानी की आपूर्ति नहीं होने पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि जलशक्ति विभाग की ओर से पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद लोगों को आठ-आठ दिन बाद पानी मिल रहा है। कांग्रेस नेताओं ने इस स्थिति के लिए नगर निगम प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए महापौर पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि जलशक्ति विभाग पर्याप्त पानी दे रहा है तो नगर निगम शहर के लोगों तक नियमित पेयजल आपूर्ति क्यों नहीं करवा पा रहा है। कांग्रेस पदाधिकारियों ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब नगर निगम में भाजपा सत्ता में नहीं थी, तब भाजपा नेता लगातार पेयजल समस्या को लेकर हल्ला करते थे। अब नगर निगम में भाजपा की सरकार है तो शहरवासियों को पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी भी निगम की है। बैठक में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शहर के लोगों से जुड़े मूलभूत मुद्दों को लेकर पार्टी लगातार आवाज उठाती रहेगी। संगठन को मजबूत करने के साथ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी आम लोगों तक पहुंचाई जाएगी।