देश में निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग को लेकर सिरमौर के विभिन्न जनवादी संगठनों ने आवाज उठाई है। संगठनों ने संयुक्त रूप से भारत सरकार और राष्ट्रपति को मांगपत्र भेजकर चुनाव आयोग की स्वायत्तता बनाए रखने और व्यापक चुनाव सुधार लागू करने की मांग की है। संगठनों का आरोप है कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता कमजोर करने और उसे सरकार के प्रभाव में लाने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। इस संबंध में जनवादी संगठनों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर के नेतृत्व में उपायुक्त सिरमौर से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम चार सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। मांगपत्र में कहा गया है कि लोकतंत्र में जनता को अपनी सरकार चुनने का अधिकार है। संगठनों के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में पैदा हो रहे संशय को दूर करने के लिए चुनाव आयोग की निष्पक्षता और स्वतंत्रता सुनिश्चित करना जरूरी है। जनवादी संगठनों ने मांगपत्र के माध्यम से एसआईआर अधिनियम को निरस्त करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग उठाई है। इसके अलावा चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून को निरस्त कर चुनाव आयोग की स्वायत्तता सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है। संगठनों ने देश में व्यापक चुनाव सुधार लागू करने पर जोर देते हुए कहा कि चुनावों में धनबल और बाहुबल के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर और सचिव धनीराम वर्मा प्रमुख रूप से शामिल रहे। इनके अलावा जनवादी महिला समिति जिला सिरमौर की जिला सचिव अमिता चौहान, कोषाध्यक्ष आशा शर्मा, किसान सभा जिला सिरमौर के उपाध्यक्ष सतपाल मान और वित्त सचिव राम सिंह वालिया ने भी मांगपत्र का समर्थन किया। सीटू जिला सिरमौर के महासचिव आशीष कुमार और सचिव रेशमा गौतम सहित कई कार्यकर्ताओं ने भी मांगपत्र पर हस्ताक्षर किए। संगठनों ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए चुनाव सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया।