विश्व अल्जाइमर दिवस के अवसर पर मेडिकल कॉलेज नाहन परिसर में लोगों को अल्जाइमर रोग के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चितकारा यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बद्दी की तृतीय वर्ष की प्रशिक्षु छात्राओं ने लोगों को बीमारी से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान नर्सिंग ट्यूटर सिमरन चौहान ने बताया कि विश्व अल्जाइमर दिवस हर वर्ष 21 सितंबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बीमारी की जल्द पहचान, बेहतर देखभाल और भविष्य की तैयारी को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि अल्जाइमर एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी है। इसमें समय के साथ व्यक्ति की याददाश्त, सोचने-समझने और रोजमर्रा के कार्य करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। जागरूकता कार्यक्रम में प्रशिक्षु छात्राओं ने अल्जाइमर के संभावित शुरुआती संकेतों के बारे में भी जानकारी दी। इनमें हाल में हुई बातचीत या घटनाओं को बार-बार भूलना, एक ही सवाल को दोहराना और परिचित लोगों या स्थानों को पहचानने में परेशानी जैसे लक्षण शामिल बताए गए। इसके अलावा समय और स्थान को लेकर भ्रम, रोजमर्रा के काम करने में कठिनाई तथा बातचीत के दौरान सही शब्द याद न आना भी शुरुआती संकेतों में शामिल हो सकते हैं। छात्राओं ने बताया कि अल्जाइमर किसी एक विटामिन या पोषक तत्व की कमी के कारण नहीं होता। बीमारी में मस्तिष्क में असामान्य प्रोटीन के जमा होने और तंत्रिका कोशिकाओं के बीच संचार प्रभावित होने जैसी प्रक्रियाओं की भूमिका बताई गई। कार्यक्रम में मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह भी दी गई। इसके तहत नियमित सैर, योग और व्यायाम, संतुलित आहार लेने, किताबें पढ़ने और नई चीजें सीखने जैसी गतिविधियों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया। छात्राओं ने लोगों को रक्तचाप और मधुमेह को नियंत्रित रखने तथा धूम्रपान और तंबाकू से दूर रहने की सलाह भी दी। परिवार और दोस्तों के साथ सामाजिक रूप से जुड़े रहना भी मानसिक रूप से सक्रिय रहने के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को यह समझाना रहा कि याददाश्त और व्यवहार में लगातार होने वाले बदलावों को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते चिकित्सकीय सलाह और उचित देखभाल की दिशा में कदम उठाना जरूरी है।