नाहन में जिस गोदाम से सरकारी डिपुओं के माध्यम से लोगों तक सस्ता राशन पहुंचाया जाता है, उसी गोदाम के बाहर पिछले करीब दो माह से सीवरेज का गंदा पानी बहने की शिकायत सामने आई है। बारिश के कारण हालात और खराब हो गए हैं। सीवरेज के पानी और कीचड़ के बीच आटा व अन्य खाद्य सामग्री की लोडिंग-अनलोडिंग की जा रही है। मौके के हालात खाद्य सामग्री के रखरखाव और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। राशन की बोरियां लेकर आने वाले मजदूरों को गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है। ऐसे में उनके जूते-चप्पलों के जरिए बाहर की गंदगी गोदाम तक पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है। स्थानीय दुकानदारों और लोगों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है। उनके अनुसार करीब दो माह से सीवरेज का पानी खुले में बह रहा है। नगर परिषद को कई बार समस्या से अवगत करवाने के बावजूद अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। स्थानीय दुकानदारों सुनील ठाकुर, राजेश शर्मा, आरिफ और रमजान के अनुसार सरकारी राशन का गोदाम नगर परिषद के भवन में संचालित है। इसी भवन में अन्य सरकारी कार्यालय भी मौजूद हैं। दुकानदारों का कहना है कि भवन के शौचालयों से जुड़ी सीवरेज पाइपें लंबे समय से खराब हैं। उनके अनुसार एक पाइप करीब एक साल से क्षतिग्रस्त है, जबकि दूसरी पाइप पिछले लगभग दो माह से खराब बताई जा रही है। इसके चलते गंदा पानी खुले में बह रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार एक पाइप की मरम्मत हाल ही में एक दुकानदार ने अपने स्तर पर खर्च उठाकर करवाई, लेकिन समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई। बारिश ने पहले से बनी समस्या को और गंभीर कर दिया है। गोदाम के बाहर सीवरेज के पानी और बारिश के कारण कीचड़ जमा है। इसी स्थान पर राशन से भरे वाहनों को खड़ा किया जा रहा है और बोरियों की लोडिंग-अनलोडिंग हो रही है। मजदूरों को सामान लेकर गंदे पानी और कीचड़ से होकर गोदाम के अंदर जाना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खाद्य सामग्री के साथ इस तरह की स्थिति लंबे समय तक बनी रहना स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े करता है। हालांकि, केवल बाहरी परिसर की स्थिति के आधार पर राशन की गुणवत्ता या खाद्य सामग्री के दूषित होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। लेकिन खाद्य सामग्री की आवाजाही वाले स्थान पर साफ-सफाई और स्वच्छता का उचित प्रबंध होना जरूरी है। स्थानीय दुकानदारों के मुताबिक सीवरेज के पानी से लगातार बदबू उठ रही है। गंदा पानी आसपास की दुकानों के बाहर तक पहुंचने की बात भी कही गई है। क्षेत्र में मैकेनिक सहित कई अन्य दुकानें हैं। दुकानदारों के अनुसार गंदगी से होकर वाहन आने-जाने के कारण कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि नगर परिषद भवन से किराया लिया जा रहा है, लेकिन भवन और उसके आसपास की सफाई व मरम्मत व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। स्थानीय लोगों ने भवन के कई हिस्सों में घास-पौधे उग आने और कुछ हिस्सों की स्थिति जर्जर होने की भी बात कही है। नगर परिषद नाहन की अध्यक्ष उपमा धीमान ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। अधिकारियों के साथ मौके का दौरा किया जाएगा और जल्द समस्या का समाधान करवाया जाएगा। वहीं, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक शमशेर सिंह ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है। क्षेत्रीय प्रबंधक को मौके पर जाकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। सरकारी राशन गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचने वाली आवश्यक खाद्य सामग्री है। ऐसे में जिस स्थान से इसकी आपूर्ति होती है, वहां स्वच्छता और साफ-सफाई की व्यवस्था का दुरुस्त होना बेहद जरूरी है। नाहन में सामने आई यह स्थिति केवल सीवरेज व्यवस्था की खराबी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे खाद्य सामग्री की हैंडलिंग वाले परिसर की स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान कितनी जल्दी करता है।