मजदूरों की विभिन्न मांगों को लेकर सीटू जिला सिरमौर ने एक और दो दिसंबर को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मजदूरों को शामिल करने की रणनीति बनाई है। नाहन के प्रताप भवन में आयोजित संगठन के प्रशिक्षण शिविर एवं विस्तारित बैठक के दूसरे दिन आगामी आंदोलन को लेकर चर्चा की गई। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सीटू के जिला महासचिव आशीष कुमार ने कहा कि संगठन मजदूरों के लिए कम से कम 42 हजार रुपये मासिक न्यूनतम वेतन की मांग को प्रमुखता से उठा रहा है। उनका कहना था कि महंगाई और रोजगार से जुड़ी समस्याओं का असर मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं, मिड-डे मील कर्मी, निर्माण मजदूर और औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिक कम वेतन तथा रोजगार की असुरक्षा जैसी परिस्थितियों में काम कर रहे हैं। सीटू की ओर से इन वर्गों के लिए बेहतर वेतन और रोजगार सुरक्षा की मांग उठाई जा रही है। आशीष कुमार ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के कार्यकाल में मजदूरों से जुड़े कई फैसले उनके हितों के विपरीत रहे हैं। उन्होंने महंगाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसका सीधा असर मजदूर परिवारों की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है। एक-दो दिसंबर को दिल्ली कूच की तैयारी सीटू के जिला महासचिव ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर यूनियन से जुड़े मजदूर देशभर से दिल्ली पहुंचेंगे। सिरमौर से भी बड़ी संख्या में मजदूरों को दिल्ली ले जाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक और दो दिसंबर को प्रस्तावित प्रदर्शन में मजदूर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाएंगे। आशीष कुमार ने यह भी कहा कि यदि प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे मजदूरों को रास्ते में पुलिस की ओर से रोका गया तो संगठन वहीं रुककर विरोध दर्ज करवाने की रणनीति अपनाएगा। सीटू की बैठक में देश में बढ़ती सांप्रदायिकता और उसके मजदूर वर्ग पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भी चर्चा हुई। संगठन ने मजदूरों के बीच अपनी गतिविधियों को मजबूत करने और आगामी आंदोलनों की तैयारियों को तेज करने पर विचार किया। बैठक में मिड-डे मील जिला अध्यक्ष विनीत, महासचिव संदीप, वीरेंद्र, प्रोजेक्ट पांवटा अध्यक्ष इंदु तोमर, प्रोमिला, नीलम शर्मा, शीला, देवकुमारी, चंद्रकला, निर्मला और रेखा सहित विभिन्न यूनियनों एवं संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।