भीम आर्मी एकता मिशन सिरमौर ने संपूर्ण भागीदारी आंदोलन के तहत देश के वंचित और शोषित वर्गों के सांविधानिक हकों की रक्षा के लिए आवाज बुलंद की है। संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को लोकसभा प्रभावी सुरेंद्र सिंह धर्मा, जिला अध्यक्ष धनीराम चौहान की अगुवाई में गुरुवार को नाहन में एडीएम एकता काप्टा से मिला और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें 24 सूत्रीय मांग शामिल रहीं। ज्ञापन के माध्यम से सुरेंद्र शर्मा, धनीराम चौहान, बलिंद्र कुमार व प्रेमपाल ने कहा कि देश का संविधान समानता और समान अवसर का अधिकार देता है, लेकिन आज भी एससी/एसटी, ओबीसी महिलाओं और अल्पसंख्यकों को उनका वास्तविक हक नहीं मिल पा रहा है। आरक्षण केवल आर्थिक आधार पर नहीं, बल्कि सामाजिक गैर-बराबरी, छुआछूत और प्रतिनिधित्व की कमी को दूर करने का एक संवैधानिक माध्यम है। प्रतिनिधिमंडल ने सौंपे गए 24 सूत्रीय ज्ञापन में मुख्य रूप से नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 के तहत महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने, इसमें दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए कोटे के अंदर कोटा लागू करने, सरकारी सेवाओं में आरक्षण के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने और बैकलॉग पदों को तुरंत भरने की मांग की गई। भीम आर्मी ने चेतावनी दी है कि यदि इन न्यायसंगत और सांविधानिक मांगों पर त्वरित सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो शोषित समाज अपने हक के लिए आंदोलन को और उग्र करने के लिए विवश होगा। इस अवसर पर संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।