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रामपुर बुशहर: नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को वित्तीय और निर्माण कार्य प्रबंधन का प्रशिक्षण

Ankesh Dogra Updated Tue, 08 Sep 2026 02:20 PM IST

विकास खंड रामपुर में नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के प्रथम चरण का चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन पंचायत प्रतिनिधियों को पंचायत के अभिलेख और विभिन्न रजिस्टरों के रखरखाव के साथ-साथ वित्तीय प्रबंधन और निर्माण कार्यों के प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 10 सितंबर तक चलेगा। प्रशिक्षण के प्रथम चरण में 15/20 क्षेत्र की सात पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इनमें सरपारा, लबाना सदाना, गानवी, फांचा, जघोरी, क्याव और कूट पंचायत के प्रतिनिधि शामिल हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य नए पंचायत प्रतिनिधियों को पंचायत संचालन, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और विकास कार्यों से संबंधित जिम्मेदारियों से परिचित करवाना है, ताकि वे अपने कार्यों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें। कार्यक्रम का शुभारंभ सहायक आयुक्त विकास एवं खंड विकास अधिकारी रामपुर अंकुश कुमार ने किया। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को ग्रामीण विकास में उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंचायतें लंबे समय से स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करती रही हैं। उन्होंने कहा कि 73वें संविधान संशोधन के बाद पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक अधिकार मिलने से देश में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को मजबूती मिली है। पंचायत प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताओं को समझकर प्राथमिकता के आधार पर योजनाओं को आगे बढ़ाना भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अंकुश कुमार ने नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों से पंचायतों में सत्यनिष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर लिए जाने वाले निर्णयों और किए जाने वाले विकास कार्यों में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिनिधियों को पंचायत के अभिलेखों और रजिस्टरों के रखरखाव, वित्तीय संसाधनों के उचित प्रबंधन तथा निर्माण कार्यों की प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। प्रतिनिधियों को पंचायत के कामकाज से संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं को समझने पर भी जोर दिया गया। चार दिवसीय प्रशिक्षण के माध्यम से नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को उनकी जिम्मेदारियों और अधिकारों की व्यावहारिक जानकारी देने का प्रयास किया जा रहा है। इससे उन्हें पंचायतों में विकास कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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