फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रामपुर बुशहर: नौ साल से रक्तदान की मुहिम, अब अंगदान और लंगर सेवा तक पहुंचे कदम; रामपुर में रैली निकाल दिया सेवा का संदेश

किसी अनजान मरीज के लिए अपना रक्त देना और उसकी जिंदगी बचाने की कोशिश करना—यही सोच नौ साल पहले रामपुर बुशहर में एक सेवा अभियान की शुरुआत का कारण बनी थी। जरूरतमंदों को समय पर रक्त उपलब्ध करवाने से शुरू हुई रक्तदान सेवा परिवार सोसायटी की यह मुहिम अब धीरे-धीरे सेवा के कई क्षेत्रों तक पहुंच चुकी है। सोमवार को सोसायटी ने अपना 9वां स्थापना दिवस मनाया। इस मौके पर रक्तदान और अंगदान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए स्कूली बच्चों के साथ जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में बच्चों और सोसायटी के सदस्यों ने लोगों को रक्तदान के महत्व का संदेश दिया और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने का आह्वान किया। रैली चौधरी अड्डे से शुरू होकर एनएच-5 के रास्ते मुख्य बाजार तक पहुंची। इस दौरान स्कूली विद्यार्थियों ने भी उत्साह के साथ भाग लिया और लोगों को रक्तदान तथा अंगदान के प्रति जागरूक किया। नौ साल में जरूरतमंदों के लिए बनी सहारा सोसायटी के सचिव तिलक राज ने बताया कि पिछले नौ वर्षों से संस्था रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में जरूरतमंद मरीजों के लिए लगातार रक्त उपलब्ध करवाने में सहयोग कर रही है। विशेष रूप से खनैरी अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों को रक्त उपलब्ध करवाने में संस्था की ओर से लगातार मदद की गई है। उन्होंने कहा कि पहले रक्त की कमी के कारण कई मरीजों और उनके परिजनों को उपचार के लिए शिमला या दूसरे स्थानों का रुख करना पड़ता था। स्थानीय स्तर पर रक्त उपलब्ध होने से ऐसे मरीजों और उनके परिवारों को काफी राहत मिली है। अब संस्था का दायरा रामपुर तक सीमित नहीं है। सोसायटी की ओर से हिमाचल प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों में भी जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध करवाने में सहयोग किया जा रहा है। रक्तदान के क्षेत्र में किए गए कार्यों के लिए संस्था को कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है। रक्तदान से आगे बढ़ी सेवा नौ साल की इस सेवा यात्रा में सोसायटी ने अब अपने काम का दायरा और बढ़ाया है। जरूरतमंद मरीजों और उनके तीमारदारों की परेशानियों को देखते हुए संस्था ने बीते वर्ष 10 अक्तूबर से खनैरी अस्पताल में रात्रि लंगर सेवा शुरू की थी। यह सेवा लगातार जारी है। अस्पताल में मरीज के साथ रहने वाले तीमारदारों के लिए रात के समय भोजन की व्यवस्था कई बार बड़ी जरूरत बन जाती है। ऐसे में सोसायटी की यह सेवा मरीजों के साथ अस्पताल में रहने वाले परिवारों के लिए भी सहारा बन रही है। अब अंगदान के लिए भी लिया संकल्प रक्तदान के बाद संस्था से जुड़े सदस्यों और सहयोगियों ने अंगदान के लिए भी संकल्प लिया है। सोसायटी का उद्देश्य लोगों को यह समझाने का है कि मृत्यु के बाद अंगदान के जरिए भी किसी दूसरे जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में उम्मीद लाई जा सकती है। इसके साथ ही जरूरतमंद लोगों के लिए कम दरों पर एंबुलेंस सेवा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। इस तरह संस्था की गतिविधियां अब रक्तदान से आगे बढ़कर स्वास्थ्य और मानवीय सेवा के कई क्षेत्रों तक पहुंच गई हैं। बच्चों ने भी दिया रक्तदान का संदेश स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित जागरूकता रैली से पहले नगर परिषद के अध्यक्ष करन शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने बच्चों को रक्तदान के महत्व के बारे में बताया और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए इस तरह के प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने रक्तदान सेवा परिवार सोसायटी के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को स्थापना दिवस की बधाई दी। रैली में स्कूली बच्चों की भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बना दिया। बच्चों ने लोगों तक रक्तदान और अंगदान का संदेश पहुंचाया और यह बताने की कोशिश की कि किसी जरूरतमंद की मदद करने के लिए समाज का हर वर्ग अपनी भूमिका निभा सकता है। इस मौके पर ज्योति लाल, संदीप शर्मा, काकू मोक्टा, राकेश शर्मा, सुख जीवन, कुलदीप, मनु मेहता, गुरुदेव, जतिन और पीयूष मेहता सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे। नौ साल पहले रक्त की जरूरत पूरी करने के उद्देश्य से शुरू हुई यह मुहिम अब लंगर, अंगदान और एंबुलेंस सेवा तक पहुंच चुकी है। स्थापना दिवस पर निकली जागरूकता रैली ने एक बार फिर यही संदेश दिया कि किसी जरूरतमंद के मुश्किल समय में किया गया छोटा-सा सहयोग भी उसके लिए बहुत बड़ा सहारा बन सकता है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें