समाज में फैल रहे सफेद नशे पर लगाम लगाने के लिए न्यायालय सख्त रुख अपनाए हुए हैं। रामपुर में युवा पीढ़ी को नशा सप्लाई करने वाले दो आरोपियों को कोर्ट ने एक साल के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने मंगलवार को आरोपी रितिज शर्मा (24), पुत्र संजीव, निवासी गांव भमनोली, तहसील ननखड़ी, जिला शिमला और प्रांशुल (26), पुत्र दलीप सिंह, गांव टपरोग, तहसील ननखड़ी, जिला शिमला को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 और 29 के तहत चिट्टा रखने व बेचने के जुर्म में यह सजा सुनाई है। फैसले की जानकारी देते हुए उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि दिनांक 14 मई 2022 को पुलिस पार्टी गश्त पर रवाना थी और समय करीब रात 8:30 बजे दो युवक रामपुर के पाटबंगला एचआरटीसी वर्कशॉप की तरफ से पैदल आ रहे थे। दोनों युवक पुलिस दल की गाड़ी को देखकर पीछे भागने लगे और भागते हुए एक युवक ने जेब से कुछ वस्तु निकालकर सडक़ से नीचे फेंकी। पुलिस ने दोनों युवकों को काबू किया और फेंकी हुई वस्तु के बारे में पूछा, जिस पर वे कोई संतोषजनक उतर न दे सके। पूछने पर दोनों युवकों ने अपने नाम रितिज और प्रांशुल बताया। मौके पर से एक ऑटो गुजर रहा था। जांच अधिकारी ने उसे रोककर शामिल तफतीश किया और फेंके हुए पैकेट को तलाश कर सडक़ में लाए। बरामद पॉलिथीन पैकेट को खोला गया, जिसके अंदर भूरे रंग का पदार्थ पाया गया, जो चिट्टा था। मौके पर कार्यवाही अमल में लाई गई मुकदमा दर्ज करके अन्वेषण अमल में लाया गया। चालान पेश होने के बाद कुल 12 गवाहों के साक्ष्य दर्ज किए गए। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए गए और उन्हें कोर्ट ने 1 साल के कारावास और 10000 रुपये (प्रत्येक आरोपी) जुर्माना की सजा सुनाई। सरकार की ओर से मुकदमे की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की।