हिमाचल प्रदेश में एनएचएआई के माध्यम से कुछ कार्य ऐसे करवाए जा रहे हैं जो भविष्य के लिए मिसाल होंगे। इन्हीं में से एक है मंडी के बिंद्रावणी में बन रही ओवरहेड एलिवेटेड रोटरी। यह उत्तरी भारत की पहली ओवरहेड एलिवेटेड रोटरी है। मंडी शहर के साथ लगते बिंद्रावणी में उत्तरी भारत की पहली ओवरहैड एलिवेटिड रोटरी का निर्माण किया जा रहा है। यह रोटरी चंडीगढ़-मनाली और पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे को आपस में जोड़ने का कार्य करेगी। ओवरहैड एलिवेटिड रोटरी एक तरह का जंक्शन होता है जहां दो या इससे अधिक सड़कें आपस में आकर मिलती हैं। जंक्शन पर आपको आमतौर पर ट्रेफिक लाइट्स देखने को मिलेंगी और आपको वहां कुछ समय के लिए रूकना ही पड़ता है। लेकिन मंडी में जो रोटरी बन रही है वहां किसी भी वाहन चालक को रूकना नहीं पड़ेगा और वह बिना किसी रुकावट के अपनी यात्रा जारी रख सकेगा। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरूण चारी ने बताया कि इस रोटरी पर चार रैंप होंगे, जिसमें दो रैंप चंडीगढ़-मनाली जबकि दो रैंप पठानकोट-मंडी मार्ग पर चढ़ने और उतरने के लिए बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा एक अन्य रैंप मंडी शहर में प्रवेश के लिए भी बनाया जा रहा है। यह रोटरी पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट के तहत बनाई जा रही है। इसका निर्माण कर रही गावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के जीएम विकास नागर ने बताया कि पठानकोट-मंडी हाईवे को चंडीगढ़-मनाली मार्ग के साथ जोड़ना काफी चुनौतीपूर्ण हो रहा था। क्योंकि एक मार्ग की उंचाई बहुत अधिक थी जबकि दूसरा काफी नीचे था। इसलिए एनएचएआई ने यहां ओवरहेड एलिवेटेड रोटरी को बनाने का निर्णय लिया। विकास नागर ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का कार्य अप्रैल 2025 में शुरू किया गया था और अभी तक 50 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा कर लिया गया है।