मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया रोकने की मांग को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की जोगिंद्रनगर लोकल कमेटी ने बुधवार को गांधी पार्क में धरना दिया। धरने के दौरान माकपा नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को जवाबदेह बनाने, चुनाव आयोग में व्यापक सुधार करने और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की। माकपा के मंडी जिला सचिव कुशाल भारद्वाज ने कहा कि 23 सितंबर को प्रकाशित एक समाचार रिपोर्ट में विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सामने आई जानकारी के बाद चुनाव आयोग की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि तीन चुनाव आयुक्तों में से दो ने मतदाता सूचियों में बदलाव और विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित कुछ फैसलों पर आपत्ति जताई है। भारद्वाज ने कहा कि कानून के अनुसार तीनों चुनाव आयुक्तों की स्थिति समान होती है और मतभेद की स्थिति में फैसले बहुमत या सर्वसम्मति के आधार पर होने चाहिए। माकपा नेता ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में अत्यधिक केंद्रीकरण और पारदर्शिता की कमी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। उनके अनुसार चुनाव आयोग की संस्थागत निष्पक्षता और लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने और चुनाव आयोग की व्यवस्था में व्यापक सुधार करने की मांग की। माकपा लोकल कमेटी के सचिव रविंदर कुमार ने विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की। उन्होंने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए नई व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए ऐसी चयन समिति बनाई जानी चाहिए, जिसमें प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश शामिल हों। धरने में सुदर्शन वालिया, नरेश धरवाल, केहर सिंह वर्मा, जिला परिषद सदस्य शिवानी ठाकुर और जय सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।