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मंडी: धर्मपुर के किसानों के उत्पाद अब ऑनलाइन भी बिकेंगे, एफपीओ तैयार करेगा अपना ऐप; हर शनिवार लगेगा समूह मेला

धर्मपुर क्षेत्र के किसानों और स्वयं सहायता समूहों के लिए अपने उत्पाद बेचने का नया रास्ता खुलने जा रहा है। किसान उत्पादन सहकारी सभा धर्मपुर ने किसानों के उत्पादों को बाजार से जोड़ने के साथ-साथ उनकी ऑनलाइन बिक्री की तैयारी शुरू कर दी है। एफपीओ अब अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री के लिए एक ऐप तैयार करेगा, जिसके माध्यम से ग्राहक घर बैठे उत्पादों का आदेश दे सकेंगे। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर भी किसानों और समूहों को बाजार उपलब्ध करवाने के लिए हर शनिवार पाड़छु में समूह मेला लगाने का निर्णय लिया गया है। किसान उत्पादन सहकारी सभा धर्मपुर की ओर से हर शनिवार पाड़छु में समूह मेला लगाया जाएगा। यहां स्वयं सहायता समूहों और अन्य समूहों की ओर से तैयार किए गए उत्पाद सीधे ग्राहकों को बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। एफपीओ का कार्यालय भी पाड़छु से संचालित किया जाएगा। यहां विभिन्न समूहों के उत्पाद लोगों को उपलब्ध करवाने की व्यवस्था रहेगी। यह निर्णय एफपीओ के चौथे स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित चार दिवसीय सहकार मेले के तीसरे दिन लिया गया। डिजिटल विपणन विशेषज्ञ ई. नूतन गुलेरिया ने ऑनलाइन बाजार की संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एफपीओ के उत्पादों को ऑनलाइन बेचने के लिए ऐप तैयार की जाएगी। ऐप के माध्यम से ग्राहक उत्पादों का ऑनलाइन आदेश दे सकेंगे। उन्होंने एफपीओ को तकनीकी सहयोग देने की बात भी कही। इस पहल से स्थानीय उत्पादों को केवल आसपास के बाजार तक सीमित रखने के बजाय अधिक ग्राहकों तक पहुंचाने का रास्ता तैयार होने की उम्मीद है। कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूहों को उत्पाद तैयार करने, उनकी गुणवत्ता बनाए रखने, बिक्री की व्यवस्था करने और बाजार तक पहुंच बनाने से संबंधित जानकारी दी गई। शिविर में आजीविका मिशन धर्मपुर की खंड समन्वयक कमलेश गुलेरिया, मार्गदर्शक सीबीबीओ डॉ. हरदयाल सिंह गुलेरिया, मंडी साक्षरता एवं ज्ञान-विज्ञान समिति की सचिव सुनीता बिष्ट, डिजिटल विपणन विशेषज्ञ ई. नूतन गुलेरिया, एफपीओ सचिव भूपेंद्र सिंह, डॉ. कुलदीप गुलेरिया, रणताज राणा और रजनी सकलानी मौजूद रहे। दीपावली से पहले अगले महीने 8 तारीख से तीन दिवसीय मेले का आयोजन भी किया जाएगा। इस मेले में पपीते और अन्य फलों से तैयार की गई मिठाइयां खास आकर्षण रहेंगी। इसके अलावा दूसरे राज्यों के किसान उत्पादन संगठनों से मंगवाई गई खाद्य सामग्री भी मेले में बिक्री के लिए उपलब्ध करवाई जाएगी। इस पहल से स्थानीय किसानों और समूहों को अपने उत्पादों के लिए नियमित बाजार मिलने के साथ ग्राहकों को भी स्थानीय स्तर पर तैयार किए गए अलग-अलग उत्पाद एक ही जगह उपलब्ध होने की उम्मीद है।

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