अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव की तीसरी सांस्कृतिक संध्या में बतौर स्टार कलाकार के रूप में प्रस्तुति देते हुए पंजाबी गायक काका ने कहा कि उन्हें हिमाचल ने बहुत प्यार दिया है। कुल्लू दशहरा उत्सव में पहली बार प्रस्तुति देने पहुंचे काका ने कहा कि यहां के गांव और वादियां बहुत सुंदर हैं। कहा कि लाल चंद प्रार्थी कलाकेंद्र आने से पहले वह पास के एक गांव में गए थे, जहां बहुत अच्छा लगा। इस मौके पर उन्होंने युवाओं को संदेश देने के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि उन्हें संदेश देने की जरूरत नहीं है। आज का युवा समझदार है, वह दूसरों को संदेश देने का काम करता है। ऐसे में मुझे कोई संदेश देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर चुनौतियों को एक खेल की तरह लेंगे तो बड़ी से बड़ी चुनौती छोटी पड़ जाती है। पंजाबी गायक काका का पूरा नाम रविंदर सिंह है। उनका जन्म पंजाब के पटियाला जिले के चंदूमाजरा गांव में हुआ। उन्होंने अपनी मेहनत, शानदार गायकी और खुद के लिखे गीतों से पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में खास पहचान बनाई। लिबास, कह लेन दे और टेंपरेरी प्यार उनके लोकप्रिय गानों में शामिल हैं। काका की गायकी युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है।