अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान ढालपुर मैदान में देवता कुई कंडा नाग तांदी, देवता कोई कंडा घाटू और माता भुवनेश्वरी का भव्य देव मिलन हुआ। इस दौरान पूरा मैदान पारंपरिक देव धुनों से गूंज उठा और देव मिलन के साक्षी बनने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। ढोल-नगाड़ों, नरसिंगों और करनाल की गूंज के बीच तीनों देवी-देवता अपने-अपने शिविरों से निकलकर ढालपुर मैदान पहुंचे। यहां उन्होंने एक-दूसरे से मिलन किया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों और देव संस्कृति से जुड़े रीति-रिवाजों ने उत्सव के माहौल को और भव्य बना दिया। देव मिलन के दौरान बाजंतरियों की ओर से प्रस्तुत पारंपरिक करतब लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। मैदान में मौजूद लोगों ने इस अनूठे देव मिलन को उत्साह के साथ देखा। देव धुनों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज से ढालपुर का माहौल भक्तिमय हो गया। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में आयोजित इस देव मिलन ने हिमाचल की समृद्ध देव संस्कृति और पारंपरिक रीति-रिवाजों की झलक पेश की।