अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में शामिल होने के लिए देवता कोट पझारी मंगलवार को जिला मुख्यालय कुल्लू के ऐतिहासिक ढालपुर मैदान पहुंचे। देवता के आगमन पर हारियानों में खासा उत्साह देखने को मिला। ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते हुए हारियान अपने आराध्य देवता को अस्थायी शिविर की ओर लेकर रवाना हुए। देवता कोट पझारी के ढालपुर पहुंचने के दौरान पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज सुनाई दी। देवता के साथ आए हारियानों ने पारंपरिक अंदाज में नाचते-गाते हुए देवता की अगवानी की। इस दौरान उत्सव स्थल पर धार्मिक आस्था और लोक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में देवी-देवताओं का आगमन यहां की सदियों पुरानी देव परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। देवता कोट पझारी के पहुंचने से ढालपुर मैदान का धार्मिक माहौल और अधिक उत्साहपूर्ण हो गया। उत्सव में शामिल होने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से देवी-देवताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है।