ब्यास नदी में ड्रेजिंग और मलबा हटाने के कार्य को लेकर पर्यावरणविद् एवं हिमालय नीति के संयोजक गुमान सिंह ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस कार्य को पर्यावरणीय अपराध करार देते हुए आरोप लगाया कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी की ओर से नदी में मनमाने तरीके से काम किया जा रहा है। इससे नदी का प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित हो रहा है। शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में गुमान सिंह ने कहा कि ब्यास नदी में लगातार हो रही ड्रेजिंग के कारण नदी का दायरा कम होता जा रहा है। उन्होंने चिंता जताई कि प्राकृतिक आपदाओं और बादल फटने जैसी घटनाओं के दौरान ब्यास नदी विकराल रूप धारण कर लेती है। ऐसी स्थिति में नदी के आसपास के क्षेत्रों में भारी नुकसान होने का खतरा बना रहता है। उन्होंने नदी में किए जा रहे कार्यों के प्रभाव पर सवाल उठाते हुए कहा कि ब्यास के प्राकृतिक स्वरूप से छेड़छाड़ के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।