कांगड़ा जिले के बेहद दुर्गम क्षेत्र बड़ा-भंगाल के लोगों के लिए मोबाइल नेटवर्क को लेकर उम्मीद जगी है। भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने यहां मोबाइल टावर स्थापित करने की तैयारी एक बार फिर शुरू कर दी है। इस बार जिला प्रशासन भी इस काम को आगे बढ़ाने में सहयोग करेगा। बड़ा-भंगाल तक मोबाइल टावर का सामान पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। इससे पहले भी यहां टावर लगाने की योजना तैयार की गई थी, लेकिन दुर्गम इलाके में उपकरण और अन्य जरूरी सामान पहुंचाने में परेशानी के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। अब प्रशासन ने मामले में रुचि लेते हुए बीएसएनएल से टावर लगाने के लिए बड़ा-भंगाल तक पहुंचाए जाने वाले उपकरण और अन्य सामान की पूरी सूची मांगी है। सामान की सूची मिलने के बाद जिला प्रशासन इसके परिवहन की व्यवस्था पर काम करेगा। दुर्गम क्षेत्र होने के कारण सामान को वहां तक पहुंचाना आसान नहीं है। ऐसे में प्रशासन सेना की मदद लेने की योजना बना रहा है। अगर सामान प्रशासन के सहयोग से बड़ा-भंगाल तक पहुंच जाता है तो इसके बाद टावर स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बीएसएनएल के वरिष्ठ महाप्रबंधक, धर्मशाला व्यवसायिक क्षेत्र, डॉ. विपिन कुमार मौर्य ने बताया कि बड़ा-भंगाल को जल्द मोबाइल नेटवर्क के दायरे में लाने के लिए जिला प्रशासन के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। बीएसएनएल ने कांगड़ा जिले में भारतनेट परियोजना के तहत भी कनेक्टिविटी बढ़ाने का काम किया है। डॉ. मौर्य के अनुसार जिले के 12 ब्लॉकों में भारतनेट का काम जारी है और अब तक 308 ग्राम पंचायतें लाइव हो चुकी हैं। विभिन्न ब्लॉकों में आठ ओएलटी स्थापित किए गए हैं और 150 से अधिक कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इसके अलावा चंबा जिले के मेहला ब्लॉक में भी भारतनेट का काम शुरू हो गया है। भवारना और प्रागपुर ब्लॉकों की फरेर, मलनू, पुन्नर, खैरा और चनौर समेत कई पंचायतों में ऑप्टिकल उपकरण लगाए गए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में हाईस्पीड इंटरनेट, ऑनलाइन शिक्षा, ई-गवर्नेंस और डिजिटल भुगतान जैसी सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने में मदद मिल रही है। मणिमहेश यात्रा को देखते हुए बीएसएनएल ने यात्रा मार्ग पर भी नेटवर्क मजबूत किया है। धनछो में नया मोबाइल टावर स्थापित किया गया है। बीएसएनएल के अनुसार इस साइट पर यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा ट्रैफिक दर्ज किया गया। इसके अलावा हड़सर में स्थापित एक अन्य टावर को भी यात्रा के लिए शुरू कर दिया गया है। इससे मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को मोबाइल नेटवर्क की बेहतर सुविधा मिलने में मदद मिली है। डिजिटल भारत निधि परियोजना के तहत कांगड़ा और चंबा जिलों में कुल 126 फोर-जी साइटें स्थापित की गई हैं। इनमें कांगड़ा में 32 और चंबा में 94 साइटें शामिल हैं। इन साइटों के जरिए उन दूरदराज क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाने का प्रयास किया गया है, जहां पहले नेटवर्क की सुविधा कम थी। इसके अलावा बीएसएनएल ने कांगड़ा और चंबा के मौजूदा 2जी और 3जी टावरों को फोर-जी में अपग्रेड किया है। अन्य अवसंरचना प्रदाताओं की साइटों पर 27 नए फोर-जी टावर भी स्थापित किए गए हैं। बीएसएनएल के 26वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में 15 से 25 सितंबर तक विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर मेगा सिम सेल और एफटीटीएच मेले आयोजित किए गए। इन आयोजनों के माध्यम से लोगों को मोबाइल, फोर-जी और हाईस्पीड एफटीटीएच ब्रॉडबैंड सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। डॉ. मौर्य ने कहा कि बीएसएनएल मोबाइल, फोर-जी, भारतनेट और एफटीटीएच सेवाओं के विस्तार के जरिए ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। बड़ा-भंगाल जैसे दुर्गम क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क पहुंचना केवल फोन कॉल की सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा। नेटवर्क उपलब्ध होने से लोगों को आपात स्थिति में संपर्क, डिजिटल सेवाओं और जरूरी ऑनलाइन सुविधाओं तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है। अब सबसे महत्वपूर्ण कदम टावर के उपकरणों को दुर्गम क्षेत्र तक पहुंचाना है। प्रशासन और बीएसएनएल की योजना सफल होती है तो बड़ा-भंगाल में मोबाइल नेटवर्क का वर्षों से चला आ रहा इंतजार खत्म हो सकता है।