सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के ज्याणा गांव में रविवार को आयोजित भाजपा के पंचायत प्रतिनिधि समारोह में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार पर तीखे राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भाजपा के कथित गुटों की गिनती में लगे हुए हैं, जबकि पंचायत, नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम चुनावों में भाजपा को जीत मिली है। जयराम ठाकुर ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भी भाजपा सरकार बनाएगी। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने भाजपा के 13 से अधिक मौजूदा और पूर्व विधायकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने पर पहली कैबिनेट बैठक में इन मामलों की समीक्षा करने और उन्हें वापस लेने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। यह जयराम ठाकुर का राजनीतिक दावा है; हाल की प्रकाशित रिपोर्टों में भी उनके 13 भाजपा विधायकों और पूर्व विधायकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के आरोप का उल्लेख है। उन्होंने अधिकारियों और कांग्रेस नेताओं पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भी जांच की बात कही। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार के दौरान जिन अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से दूर रखा गया था, उन्हें मौजूदा सरकार में अहम पद दिए गए और बाद में उनके खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री पर अपनी सरकार को मनमाने तरीके से चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार में निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर मंत्रियों और मुख्यमंत्री के बीच मतभेद सामने आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के भीतर चल रही राजनीतिक गतिविधियों के कारण मुख्यमंत्री और मंत्री दिल्ली के दौरे कर रहे हैं। जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल में करीब 19,600 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया था, जबकि सुक्खू सरकार के करीब साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल में 50,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लिया जा चुका है। ये आंकड़े जयराम ठाकुर द्वारा कार्यक्रम में रखे गए दावे हैं। जयराम ठाकुर ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में हिमाचल में रिकॉर्ड सड़क निर्माण हुआ। उनके अनुसार, उस दौरान करीब 4,700 किलोमीटर सड़कें बनाई गईं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने स्वयं लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी भी देखी थी। उन्होंने जलशक्ति विभाग के कामकाज का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा सरकार के दौरान बड़ी संख्या में नल कनेक्शन उपलब्ध करवाए गए। इसके अलावा उन्होंने बुजुर्गों की पेंशन के लिए आयु सीमा 80 वर्ष से घटाकर 60 वर्ष करने को भी अपनी सरकार के प्रमुख फैसलों में शामिल बताया। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के समय भ्रष्टाचार के आरोपों वाले अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से दूर रखा गया, जबकि वर्तमान सरकार में ऐसे अधिकारियों को महत्वपूर्ण पद और सेवा विस्तार दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर ऐसे मामलों की जांच करवाई जाएगी। कार्यक्रम में पूर्व विधायक राजेंद्र राणा, विधायक आशीष शर्मा, पूर्व विधायक कमलेश धीमान, पूर्व विधायक विजय अग्निहोत्री, पूर्व विधायक डॉ. अनिल धीमान, भाजपा नेता विनोद कुमार और अभिषेक राणा सहित भाजपा कार्यकर्ता तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।