हमीरपुर। चीनी की जमाखोरी और कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने चीनी व्यापारियों और डीलरों के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। विभाग की टीमें दुकानों और गोदामों में उपलब्ध चीनी के स्टॉक की जांच कर रही हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि व्यापारी निर्धारित स्टॉक सीमा का पालन कर रहे हैं या नहीं। सरकार की ओर से 15 सितंबर से 30 नवंबर तक चीनी व्यापारियों और डीलरों के लिए अधिकतम 2,000 क्विंटल स्टॉक की सीमा निर्धारित की है। निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारी मौके पर उपलब्ध चीनी की मात्रा का मिलान कर रहे हैं। साथ ही संबंधित व्यापारियों को निर्धारित नियमों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। इससे पहले थोक विक्रेताओं के लिए अधिकतम 4,000 क्विंटल चीनी भंडारित करने की सीमा निर्धारित थीं। अब त्योहारों के सीजन को देखते हुए इसे घटाकर 2,000 क्विंटल किया है। विभाग का मुख्य उद्देश्य बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और जमाखोरी के जरिये कृत्रिम कमी पैदा कर कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका को रोकना है। त्योहारों के दौरान सामान्य दिनों की तुलना में चीनी की मांग बढ़ जाती है।जिला नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले आंचल ने कहा कि सरकार के निर्देशों के तहत निरीक्षण किया जा रहा है। अभी तक तय सीमा से चीनी भंडारित करने का मामला नहीं आया है।