टीबी मुक्त भारत अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने वाली जिले की 87 ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया गया। इनमें 10 पंचायतों ने लगातार तीन वर्षों तक टीबी का कोई नया मामला सामने नहीं आने पर स्वर्ण पदक हासिल किया। नौ पंचायतों को दो वर्षों से नया मामला नहीं मिलने पर रजत और 68 पंचायतों को एक वर्ष तक नया मामला सामने न आने पर कांस्य पदक दिया गया। गुरुवार को बचत भवन में आयोजित कार्यक्रम में उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने पंचायत प्रतिनिधियों को पुरस्कार प्रदान किए। इस दौरान टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत युवाओं की जोश टीमों का भी शुभारंभ किया गया। एनसीसी कैडेट्स और अन्य युवा वालंटियरों की ये टीमें जिले में टीबी मुक्त अभियान को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगी। उपायुक्त ने सम्मानित पंचायतों के जनप्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि पंचायतों को भविष्य में भी टीबी मुक्त बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास करने होंगे। उन्होंने लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करने और बीमारी के लक्षण सामने आने पर समय पर जांच करवाने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश कुमार फोतेदार, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय अत्री, सभी बीएमओ और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं चिकित्सक मौजूद रहे।