जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र में सोमवार को नवनिर्वाचित पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिरकत की और भाजपा समर्थित विजयी प्रत्याशियों को बधाई दी। जयराम ठाकुर ने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं लोकतंत्र की मूल इकाई हैं। उन्होंने नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों से अपने क्षेत्रों के विकास और लोगों से जुड़े मुद्दों पर जिम्मेदारी तथा प्रतिबद्धता के साथ काम करने का आह्वान किया। जयराम ठाकुर ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में भाजपा को मिले समर्थन के लिए वह प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की 11 जिला परिषदों में से 10 में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की जीत हुई है। यह आंकड़ा और इसके राजनीतिक प्रभाव की व्याख्या जयराम ठाकुर के दावे के रूप में ही देखी जानी चाहिए। हाल की रिपोर्टिंग में भी भाजपा नेताओं की ओर से 11 में से 10 जिला परिषदों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की सफलता का दावा किया गया है। शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर भी भाजपा समर्थित खेमे ने 10 सितंबर को जीत दर्ज की थी। 25 सदस्यीय जिला परिषद में भूपेंद्र सिंह सिसोदिया अध्यक्ष और निर्दलीय भारत सिंह कलान्टा उपाध्यक्ष चुने गए थे। जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने आपदा समेत विभिन्न कारणों का हवाला देकर पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों के चुनाव टालने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव करवाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर न्यायालय का रुख किया था। जयराम ठाकुर के मुताबिक चुनाव प्रक्रिया के दौरान भी पार्टी को सरकार के कुछ फैसलों के खिलाफ न्यायालय जाना पड़ा। इन आरोपों पर सरकार या कांग्रेस का पक्ष इस कार्यक्रम की उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है। नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने और विकास, लोकतंत्र तथा जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर लोगों के बीच जाने की बात कही। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। आगामी विधानसभा चुनाव के परिणामों को लेकर उन्होंने अपनी पार्टी की जीत सुनिश्चित करने की बात कही, जो उनका राजनीतिक लक्ष्य और दावा है। कार्यक्रम में धर्मशाला के विधायक एवं भाजपा नेता सुधीर शर्मा ने भी संबोधित किया। उन्होंने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से जुड़ा प्रसंग साझा करते हुए जयसिंहपुर की जनता से माफी मांगी। सुधीर शर्मा ने कहा कि 2022 में जब रविंद्र रवि धीमान भाजपा के प्रत्याशी थे, तब वह कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन में शामिल होने के लिए जयसिंहपुर आए थे। उन्होंने कहा कि अब उन्हें लगता है कि उस समय उनसे बड़ी भूल हुई थी और इसी को लेकर उन्होंने मंच से जयसिंहपुर की जनता से माफी मांगी। सुधीर शर्मा ने प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सरकार की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले ‘सुख की सरकार’ के दावे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके अनुसार प्रदेश में विभिन्न वर्गों के लोग संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने नए मुख्यमंत्री कार्यालय के उद्घाटन का मुद्दा भी उठाया। सुधीर शर्मा ने दावा किया कि एक ओर प्रदेश सरकार केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए अपने हिस्से की 30 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध नहीं करवा पा रही है, जबकि दूसरी ओर 50 करोड़ रुपये की लागत से बने नए मुख्यमंत्री कार्यालय का उद्घाटन किया जा रहा है। यह आंकड़े और सरकार की प्राथमिकताओं को लेकर टिप्पणी सुधीर शर्मा के राजनीतिक आरोप हैं; उपलब्ध सामग्री में इस पर सरकार का जवाब शामिल नहीं है। कार्यक्रम में जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक रविंद्र रवि धीमान, सुलह के विधायक एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार, धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा सहित भाजपा के अन्य नेता और विभिन्न पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रतिनिधि मौजूद रहे।