मंगला से टपून को जोड़ने वाली सड़क की बदहाल स्थिति ने ग्रामीणों और वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मार्ग पर जगह-जगह बड़े गड्ढे पड़े हैं, जबकि टारिंग के बाद बिछाई गई बजरी भी कई हिस्सों में उखड़ने लगी है। सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार करीब छह महीने पहले सड़क पर टारिंग का काम शुरू हुआ था, लेकिन अभी तक कार्य पूरा नहीं हो पाया है। कई स्थानों पर टारिंग उखड़ने के कारण सड़क की सतह पर बजरी बाहर आ गई है। वहीं, बड़े-बड़े गड्ढे वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति का सबसे अधिक असर दोपहिया वाहन चालकों पर पड़ रहा है। गड्ढों और उखड़ी बजरी के कारण वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है। मार्ग पर रोजाना छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती है, ऐसे में लोगों को दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि बीते दिनों इसी मार्ग पर एक पिकअप वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें 29 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद सड़क की स्थिति को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ गई है। हालांकि सड़क की खराब स्थिति और उक्त दुर्घटना के बीच कारणात्मक संबंध की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है। मंगला-टपून मार्ग स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क सड़क है। ग्रामीणों के मुताबिक दो से तीन पंचायतों के लोग इस सड़क से रोजाना आवाजाही करते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में छोटे और बड़े वाहन भी मार्ग से गुजरते हैं। लोगों का कहना है कि सड़क की मौजूदा स्थिति को देखते हुए विभाग को जल्द मौके का निरीक्षण करना चाहिए और जहां टारिंग उखड़ गई है, वहां आवश्यक मरम्मत करवानी चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से सड़क की स्थिति सुधारने की मांग की है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता कनव बड़ोत्रा ने बताया कि सड़क की स्थिति का मामला उनके ध्यान में लाया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही संबंधित गांवों में कनिष्ठ अभियंता को भेजकर सड़क का निरीक्षण करवाया जाएगा। निरीक्षण के बाद उचित कदम उठाए जाएंगे। अब ग्रामीणों को विभागीय निरीक्षण और उसके बाद होने वाली कार्रवाई का इंतजार है। लोगों की मांग है कि सड़क की टारिंग का अधूरा काम पूरा करने के साथ गड्ढों और उखड़ी बजरी की समस्या को भी जल्द दूर किया जाए, ताकि मार्ग पर सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके।