जिला कांग्रेस कमेटी चंबा की ओर से मंगलवार को परिधि गृह में ‘मेरा वोट, मेरा अधिकार’ अभियान के तहत प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया, मतदाता सूचियों और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखीं। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुरजीत भरमौरी ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग के मौजूदा रवैये से लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर केंद्र की भाजपा सरकार के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया और कहा कि इससे आम नागरिकों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। भरमौरी ने कहा कि विभिन्न राज्यों में मतदाता सूचियों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी जीवित मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटने की स्थिति में उसके अधिकारों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी पिछले कुछ वर्षों से निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाते रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग से इस विषय पर गंभीरता से कदम उठाने की मांग की। जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष करतार सिंह ठाकुर ने SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए दावा किया कि इससे देशभर में बड़ी संख्या में नागरिकों के मतदान अधिकार को लेकर चिंता पैदा हुई है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 326 का उल्लेख करते हुए कहा कि 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पात्र नागरिकों को सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार प्राप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा प्रक्रिया के कारण इस संवैधानिक अधिकार के प्रभावित होने की आशंका है। ठाकुर ने कहा कि मतदाता सूचियों का समय-समय पर संशोधन जरूरी है। इसमें नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और मृत व्यक्तियों के नाम हटाने जैसी प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि किसी जीवित मतदाता का नाम हटना उचित नहीं है और ऐसी स्थिति में प्रभावी सुधार एवं अपील की व्यवस्था होनी चाहिए। निर्वाचन आयोग की मौजूदा व्यवस्था में SIR के तहत मतदाता अपने नाम की जानकारी ऑनलाइन देख सकते हैं। आयोग के नागरिक सेवा पोर्टल पर SIR-2026 से संबंधित मतदाता सूची, नाम खोजने, नोटिस के जवाब में दस्तावेज जमा करने और अपील जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। आयोग के अनुसार SIR एक सहभागी प्रक्रिया है, जिसमें मतदाताओं, राजनीतिक दलों और चुनाव अधिकारियों की भागीदारी होती है। आयोग ने यह भी कहा है कि जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट रोल में शामिल नहीं हैं, उनके संभावित कारणों की सूची सार्वजनिक करने की व्यवस्था की गई है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची में अपना नाम सुरक्षित रखना और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहना प्रत्येक नागरिक के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस देशभर में जनजागरूकता अभियान चला रही है। प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव नरेश राणा, महेंद्र ठाकुर, ज्ञान चौहान, अजय जरयाल और कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष भूपेंद्र शर्मा उर्फ राजू भी मौजूद रहे।