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बिलासपुर: हिमंत बिस्वा सरमा के बयान पर भड़के वरिष्ठ अधिवक्ता सर्वजीत सिंह, जानें क्या बोले

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की ओर से हिमाचल दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को लेकर दिए गए वोट चोरी संबंधी बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। झंडूता उपमंडल के वरिष्ठ अधिवक्ता सर्वजीत सिंह ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता लोकतंत्र और जनादेश का सम्मान करना जानती है। प्रदेश में गलत प्रचार करने का प्रयास किया गया तो जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी। झंडूता में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान सर्वजीत सिंह ने कहा कि पहली नवंबर को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा शिमला पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि हिमंत बिस्वा सरमा पूर्व में एनएसयूआई से जुड़े रहे हैं और कांग्रेस में भी विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। इसके बावजूद अब वह भाजपा के नेता के रूप में नजर आ रहे हैं। सर्वजीत सिंह ने कहा कि हिमंत बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को लेकर वोट चोरी से संबंधित बयान दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि देश के अन्य हिस्सों में वोट चोरी के आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की चुनी हुई सरकार को गिराने का प्रयास किया गया था। उन्होंने इस घटनाक्रम को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इसे देश के इतिहास में काले दिन के रूप में याद किया जाएगा। प्रेसवार्ता में सर्वजीत सिंह ने वर्ष 1984 के दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि इतिहास को एकतरफा नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही देश को डॉ. मनमोहन सिंह के रूप में पहला सिख प्रधानमंत्री मिला था। उन्होंने राजनीतिक नेताओं से सार्वजनिक मंचों पर बयान देते समय इतिहास और तथ्यों का ध्यान रखने की अपील की। सर्वजीत सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता को गलत प्रचार के माध्यम से प्रभावित नहीं किया जा सकता और प्रदेश के लोग लोकतांत्रिक मूल्यों एवं जनादेश का सम्मान करना जानते हैं।

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