राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के बिलासपुर जिले के झंडूता खंड की ओर से समोह में विजयदशमी उत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ शस्त्र पूजन के साथ हुआ। इसके बाद स्वयंसेवकों ने समोह बाजार में पथ संचलन किया। उत्सव में करीब 150 सामाजिक बंधुओं ने भाग लिया। पथ संचलन के दौरान स्वयंसेवक अनुशासित ढंग से कदमताल करते हुए बाजार से गुजरे। इस आयोजन में संगठनात्मक एकता, अनुशासन और सामाजिक जीवन में सेवा व समर्पण के महत्व पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान संघ की स्थापना, उद्देश्यों और राष्ट्र के प्रति नागरिकों के कर्तव्यों पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में बिलासपुर विभाग संघचालक शांति स्वरूप मुख्य वक्ता रहे, जबकि सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य राज कुमार ने अध्यक्षता की। मुख्य वक्ता शांति स्वरूप ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना, उद्देश्यों और कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य समाज में संगठन की भावना को मजबूत करना, राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध जगाना और विभिन्न वर्गों के बीच आपसी सद्भाव को बढ़ावा देना है। उन्होंने स्वयंसेवकों से सामाजिक जीवन में सेवा और समर्पण की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। शांति स्वरूप ने सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए कहा कि समाज की मजबूती आपसी सहयोग, समानता और भाईचारे पर निर्भर करती है। समाज में किसी भी प्रकार के भेदभाव से ऊपर उठकर सभी लोगों को एकजुट होकर राष्ट्र और समाज के विकास में योगदान देना चाहिए। उन्होंने विभिन्न वर्गों के साथ समन्वय स्थापित कर सामाजिक एकता मजबूत बनाने की आवश्यकता भी बताई। मुख्य वक्ता ने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। सेवा और संस्कार जैसे मूल्यों को जीवन में अपनाकर सामाजिक एकता को और मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने स्वयंसेवकों से राष्ट्र और समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा समर्पण भाव से सामाजिक कार्यों में योगदान देने की अपील की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य राज कुमार ने भी विजयदशमी उत्सव के महत्व और सामाजिक जीवन में आपसी सद्भाव की आवश्यकता पर विचार रखे। इस अवसर पर खंड संघचालक गोरख सिंह सहित करीब 150 सामाजिक बंधु उपस्थित रहे।