तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने भाजपा पर पिछले करीब साढ़े तीन वर्षों से उनके और उनके परिवार के साथ पार्टी के कुछ पदाधिकारियों की छवि खराब करने के लिए सोशल मीडिया पर मनगढ़ंत बातें प्रचारित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पहले संबंधित लोगों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन जब इसका कोई असर नहीं हुआ तो कानूनी रास्ता अपनाया गया। धर्माणी ने कहा कि घुमारवीं के पूर्व विधायक एवं भाजपा के पूर्व मंत्री की ओर से लगाए गए आरोपों को लेकर भी कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है और मामला शिमला कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि कानून और न्यायपालिका पर भरोसा रखना चाहिए। जिन लोगों ने आरोप लगाए हैं, उन्हें अदालत में अपने आरोप साबित करने होंगे। कहा कि बाद में फेक आईडी के माध्यम से सोशल मीडिया पर सामग्री प्रसारित करने का तरीका अपनाया गया। धर्माणी के अनुसार, भाजपा के पूर्व मंत्री के ओएसडी रहे व्यक्ति, जो अब ड्राइवर और पीए के तौर पर काम कर रहे हैं, के माध्यम से अज्ञात नाम से फेक आईडी बनाई गई। उन्होंने दावा किया कि जिस मोबाइल से फेक आईडी संचालित होती थी, उसी से संबंधित आधिकारिक सोशल मीडिया पेज भी चलाए जा रहे थे।