गांधी नगर रेलवे फाटक के पास सोमवार शाम ट्रेन के आगे कूदकर जान देने वाले 37 वर्षीय रोहित की मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है। परिजनों के अनुसार करीब डेढ़ माह पहले रोहित का मार्केटिंग का काम छूट गया था। इसके बाद से वह मानसिक तनाव में रहता था। हालांकि उसने यह कदम क्यों उठाया, इस बारे में परिजन स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं बता सके। रोहित अपने पीछे एक बेटा और एक बेटी छोड़ गया है। दोपहर को खाना खाकर घर से निकला था रोहित आदर्श नगर कैंप का रहने वाला था। उसके चचेरे भाई डिंपल ने बताया कि सोमवार को रोहित ने दोपहर में घर पर खाना खाया। इसके बाद वह बिना किसी को कुछ बताए घर से निकल गया। शाम करीब पांच बजे तक जब वह वापस नहीं लौटा तो परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने अपने स्तर पर उसकी तलाश शुरू कर दी। इसी दौरान रात करीब सात बजे परिजनों को सूचना मिली कि गांधी नगर रेलवे फाटक के पास रेलवे लाइन पर एक युवक ने ट्रेन के आगे आकर जान दे दी है। सूचना मिलने पर परिजन जीआरपी थाने पहुंचे। वहां पुलिस ने उन्हें मृतक की फोटो दिखाई। फोटो देखते ही परिजनों ने उसकी पहचान रोहित के रूप में कर ली। ट्रेन की चपेट में आने से गर्दन धड़ से हुई अलग बताया गया कि सोमवार शाम करीब चार बजे रोहित गांधी नगर रेलवे फाटक के आसपास पहुंचा था। इसी दौरान उसने रेलवे ट्रैक पर आती ट्रेन के सामने छलांग लगा दी। ट्रेन की चपेट में आने से उसकी गर्दन धड़ से अलग हो गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर जीआरपी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि रोहित मार्केटिंग का काम करता था। करीब डेढ़ माह पहले काम छूटने के बाद वह तनाव में रहने लगा था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जांच अधिकारी दीपक शर्मा ने बताया कि मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।