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यमुनानगर में धान खरीद में देरी और पोर्टल की दिक्कतों से नाराज किसानों ने पांच जगह दिया धरना

धान खरीद में आ रही दिक्कतों, उठान में देरी और पोर्टल वेरिफिकेशन की समस्याओं से परेशान किसानों ने बुधवार को जिले में विरोध प्रदर्शन किया। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने रादौर, जगाधरी, बिलासपुर, साढौरा और छछरौली में मार्केट कमेटी कार्यालयों के बाहर धरना देकर रोष जताया। किसानों ने खरीद प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को दूर करने और मंडियों में फसल का उठान तेज करने की मांग की। साथ ही धान का भाव 3100 रुपये और गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग भी उठाई। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बुधवार सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक प्रदर्शन किया गया। जिले के पांचों स्थानों पर किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालयों के बाहर धरना देकर खरीद व्यवस्था के प्रति नाराजगी जाहिर की। जगाधरी अनाज मंडी में मार्केट कमेटी के चेयरमैन विपुल गर्ग और राकेश त्यागी किसानों के बीच पहुंचे। नमी की शर्त और पोर्टल वेरिफिकेशन बन रहे परेशानी भारतीय किसान यूनियन टिकैत के पदाधिकारी हरपाल सुढैल ने कहा कि धान खरीद में नमी समेत अन्य शर्तों के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए मंडियों में इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, गेट पास जारी होने और पोर्टल वेरिफिकेशन में आने वाली दिक्कतों से भी खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि मंडियों में धान लेकर पहुंचने के बाद भी खरीद में देरी होने से उनकी परेशानी बढ़ रही है। समय पर फसल नहीं बिकने और उठान नहीं होने के कारण मंडियों में धान के ढेर लगे हुए हैं। किसानों ने मांग की कि खरीद प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, गेट पास और पोर्टल से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए, ताकि उन्हें अपनी फसल बेचने के लिए इंतजार न करना पड़े। बारिश से भीग रही धान की फसल, नुकसान की आशंका बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। मंडियों में खुले में पड़ी धान की फसल बारिश में भीग रही है। इससे फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने और आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। किसानों ने कहा कि खरीद में देरी के साथ मौसम की मार भी झेलनी पड़ रही है। ऐसे में मंडियों में पहुंचने वाली फसल की जल्द खरीद और उठान की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। फसलों का उचित भाव देने की मांग किसान नेता हरपाल सुढैल ने धान का भाव 3100 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग उठाई। इसके साथ ही गन्ने का भाव बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग भी की। किसानों ने कहा कि उन्हें फसलों का उचित मूल्य मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से खरीद व्यवस्था में सुधार करने, पोर्टल संबंधी समस्याओं को दूर करने और मंडियों से धान का उठान तेज करने की मांग की।

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