सोनीपत। सेक्टर-26, 26ए और 27 स्थित मैपस्को सिटी के निवासियों ने रविवार को मेंटेनेंस और पानी के शुल्क समेत विभिन्न समस्याओं को लेकर बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन किया। निवासियों ने आरोप लगाया कि मेंटेनेंस के नाम पर नियमित शुल्क लेने के बावजूद सोसाइटी में सुविधाओं का उचित रखरखाव नहीं किया जा रहा है। उन्होंने पानी के लिए 1000 रुपये प्रति यूनिट प्रतिमाह शुल्क लेने और क्लब का अलग मेंटेनेंस वसूलने पर भी सवाल उठाए। आरडब्ल्यूए के प्रधान वीरेंद्र लाकड़ा, महासचिव राजेश वशिष्ठ, राजेंद्र गौतम ने बताया कि फ्लैट बेचते समय पार्क, बिजली-पानी, सड़क, सुरक्षा और मेंटेनेंस समेत कई सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन पजेशन के बाद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। सोसाइटी में जगह-जगह बिजली के तार टूटे पड़े हैं। बारिश के दौरान करंट फैलने का खतरा बना रहता है। इमारतों में दरारें, प्लास्टर उखड़ने और छतों से पानी टपकने की शिकायत भी निवासियों ने की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मेंटेनेंस शुल्क के अलावा पानी के लिए 1000 रुपये प्रति यूनिट प्रतिमाह लिया जा रहा है। क्लब का मेंटेनेंस भी अलग से लिया जाता है, लेकिन क्लब हाउस से जुड़ी शिकायतों का अपेक्षित समाधान नहीं किया जा रहा। निवासियों ने शुल्क और सुविधाओं की व्यवस्था की जांच की मांग की। जनवरी से कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार ईश्वर सैनी, सुभाष, योगेश शर्मा, रामदिया के अनुसार जनवरी 2026 में शिकायत कमेटी के समक्ष मामला रखा गया था। इसके बाद मंत्री गौरव गौतम की ओर से कमेटी गठित की गई, लेकिन अभी तक रिपोर्ट सामने नहीं आई है। निवासियों का कहना है कि वे लंबे समय से समाधान का इंतजार कर रहे हैं। आरडब्ल्यूए ने मामले को लेकर विधायक निखिल मदान से भी शिकायत की थी। उस समय विधायक ने कंपनी प्रतिनिधियों और आरडब्ल्यूए के बीच बैठक कराकर मेंटेनेंस दरों को लेकर समाधान का प्रयास किया था। आरोप है कि बाद में कंपनी ने बैठक में हुए निर्णय को मानने से इनकार कर दिया। टंकी और मुख्य गेट को लेकर भी विवाद सेक्टर-26 के प्रधान नवीन कुमार, सेक्टर-26ए के प्रधान नरेश कुमार और सेक्टर-27 के प्रधान अशोक कुमार ने आरोप लगाया कि पानी की टंकी नक्शे में दर्ज थी और मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद टंकी को तोड़ दिया गया। उनका दावा है कि टंकी तोड़ने की अनुमति भी कंपनी के पास नहीं थी। मुख्य प्रवेश द्वार हटाने का आरोप भी लगाया गया। अब तीनों सेक्टरों की आरडब्ल्यूए को एक मंच पर लाकर मेंटेनेंस व्यवस्था बिल्डर से लेकर आरडब्ल्यूए को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की गई है। -- रामनिवास राणा चेतन दास, अमित, बलराज ने कहा कि समस्याओं को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन ठोस समाधान नहीं हुआ। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने भी बिल्डर से सुविधाएं दुरुस्त कराने की मांग की। निवासियों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।