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स्वर्ण पदक लेकर गुमड़ लौटीं किरण पहल, भिगान टोल से गांव तक हुआ भव्य स्वागत; 2028 ओलंपिक में स्वर्ण जीतना लक्ष्य

सोनीपत/गन्नौर। एशियाई खेलों में चार गुणा चार सौ मीटर रिले में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने के बाद गुमड़ की बेटी और अंतरराष्ट्रीय धाविका किरण पहल रविवार को जब अपने गांव पहुंचीं तो पूरा क्षेत्र उनकी उपलब्धि के जश्न में डूब गया। भिगान टोल प्लाजा से ही ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने फूल-मालाओं के साथ उनका स्वागत किया। गन्नौर शहर में भी विभिन्न स्थानों पर सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने किरण का अभिनंदन किया। वाहनों के काफिले के साथ वह गुमड़ पहुंचीं, जहां ग्राम सचिवालय में ग्रामीणों ने उनका और उनके प्रशिक्षक आशीष छिक्कारा का जोरदार स्वागत किया। गांव पहुंचने के बाद किरण सीधे अपने घर गईं। उन्होंने एशियाई खेलों में जीता स्वर्ण पदक सबसे पहले अपनी दादी रिशाली देवी को पहनाया। मां माया देवी ने बेटी का तिलक कर उसे आशीर्वाद दिया। परिवार और ग्रामीणों के लिए यह पल बेहद भावुक रहा। किरण ने अपनी खेल यात्रा के संघर्ष को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने पांचवीं कक्षा से दौड़ना शुरू किया था। इस सफर में पिता ने हमेशा उनका साथ दिया। एक समय ऐसा भी आया जब उनके पास नए जूते खरीदने तक की स्थिति नहीं थी और पुराने जूते फट चुके थे। इसके बावजूद उन्होंने अभ्यास नहीं छोड़ा और लगातार आगे बढ़ती रहीं। उन्होंने कहा कि एशियाई खेलों में चार सौ मीटर की व्यक्तिगत स्पर्धा में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने से एक समय मन टूट गया था। परिवार ने बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया और समझाया कि खेल में हार-जीत चलती रहती है। इसके बाद उन्होंने रिले स्पर्धा पर पूरा ध्यान लगाया और टीम के साथ मिलकर देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने में योगदान दिया। अब विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक पर नजर किरण ने कहा कि उनका अगला लक्ष्य 2027 में होने वाली विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतना और 2028 के ओलंपिक में स्वर्ण पदक हासिल कर पिता के सपने को पूरा करना है। इसके लिए वह अब और अधिक मेहनत करेंगी। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर खेल और शिक्षा पर ध्यान देने की अपील की। बेटियों को चौखट नहीं, उड़ान चाहिए : कादियान गन्नौर विधायक देवेंद्र कादियान ने कहा कि किरण ने अपनी सफलता से उन बेटियों के लिए राह दिखाई है, जिन्हें कभी घर की चौखट तक सीमित समझा जाता था। बेटियों को अवसर और परिवार का सहयोग मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकती हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश को खेल की मजबूत धरती साबित किया है। अब ओलंपिक पदक की उम्मीद : बड़ौली हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने किरण को बधाई देते हुए कहा कि एशियाई खेलों का स्वर्ण पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। अब उम्मीद है कि किरण ओलंपिक में भी देश के लिए पदक जीतेंगी। गन्नौर विधानसभा प्रभारी एवं गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश की खेल नीति से ग्रामीण और सामान्य परिवारों के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। गन्नौर विधानसभा से भाजपा के पूर्व प्रत्याशी देवेंद्र कौशिक, भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक भारद्वाज, मार्केट कमेटी चेयरमैन निशांत छौक्कर ने किरण को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश खेलों में देशभर में सिरमोर है। यह रहे मौजूद इस दौरान किरण के भाई रविंद्र पहल, सरपंच प्रतिनिधि रविंद्र पहल, कपिल पंघाल, अमित बत्रा, दिनेश गोस्वामी, अजित पहलवान, शिव शर्मा, नरेंद्र यादव, गुरमेल, अनिल पहलवान, धर्मबीर नंबरदार, अजय भारद्वाज, प्रीतम सिवाच, धीरज पहलवान मौजूद रहे।

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