रोहतक। पीजीआई में रविवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय हृदय सम्मेलन क्रिस्कॉन सम्मेलन का समापन हुआ। इसका उद्देश्य हृदय की अनियमित धड़कन जैसे साइलेंट किलर के प्रति लोगों को जागरूक करना व हृदय चिकित्सा की नवीनतम तकनीकों को हरियाणा के आम मरीजों तक पहुंचाना रहा। इसमें करीब 400 डॉक्टरों ने रजिस्ट्रेशन कराया। कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अश्वनी कुमार ने क्रिस्कॉन की थीम एडवांसिंग कार्डियोलॉजी बियॉन्ड बाउंड्रीज बताई। इसका अर्थ खोज और उसके जमीन पर लागू होने के बीच की खाई को पाटना है।उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान की तरक्की का असली पैमाना आम आदमी तक उसकी व्यापक पहुंच है। यह सम्मेलन सरकारी और निजी संस्थानों के डॉक्टरों को एक साझा मंच पर लाएगा।