रेवाड़ी। एशियाई खेलों में 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर लौटे रेवाड़ी के कमलजीत और झज्जर की सुरुचि का बुधवार को जिले में जोरदार स्वागत किया गया। जैसे ही दोनों खिलाड़ी रेवाड़ी पहुंचे, उनके स्वागत में ढोल-नगाड़े बज उठे और पूरा क्षेत्र भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा। कमलजीत के पैतृक गांव सुलखा में आयोजित सम्मान समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीण और खेल प्रेमी पहुंचे। गांव के राजकीय स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उनके साथ बावल विधायक डॉ. कृष्ण कुमार और कोसली विधायक अनिल कुमार भी मौजूद रहे। समारोह में दोनों खिलाड़ियों को पगड़ी पहनाकर और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। ग्रामीणों ने खिलाड़ियों का फूल-मालाओं से स्वागत कर उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई। सुलखा में बनेगा आधुनिक खेल स्टेडियम: केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि कमलजीत और सुरुचि की उपलब्धि पूरे क्षेत्र और देश के लिए गर्व का विषय है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत उन्हें बेहतर सुविधाएं और सही मंच देने की है। इसी उद्देश्य से उन्होंने कमलजीत के पैतृक गांव सुलखा में आधुनिक खेल स्टेडियम बनाने की घोषणा की। स्टेडियम बनने से क्षेत्र के युवाओं को खेल अभ्यास के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। सुरुचि ने मांगी शूटिंग अकादमी: स्वर्ण पदक विजेता सुरुचि सिंह ने सम्मान समारोह के दौरान हरियाणा में नई शूटिंग अकादमियां खोलने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में युवा निशानेबाजी में आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन उन्हें अभ्यास और प्रशिक्षण की पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पातीं। यदि गांवों के नजदीक शूटिंग अकादमियां उपलब्ध हों तो कई नई प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं। अब ओलंपिक में गोल्ड पर निशाना: एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद भी कमलजीत और सुरुचि का लक्ष्य बड़ा है। दोनों खिलाड़ियों ने कहा कि उनका सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। अब उनका सपना ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगा लहराना है। खिलाड़ियों के इस संकल्प पर समारोह में मौजूद लोगों ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया। बेटे की कामयाबी पर मां की आंखों में खुशी: कमलजीत के घर पहुंचने पर परिवार में खुशी का माहौल रहा। बेटे की ऐतिहासिक उपलब्धि पर मां का लाड भी उमड़ पड़ा। भावुक मां ने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है और उसके स्वागत के लिए उन्होंने खास देसी घी का चूरमा बनाया है। घर में मिठाइयां भी मंगवाई गईं। ग्रामीणों ने कहा कि कमलजीत की सफलता से सुलखा ही नहीं, बल्कि पूरे रेवाड़ी जिले का नाम रोशन हुआ है।