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पानीपत:एनसी मेडिकल कॉलेज में डीसी का औचक निरीक्षण, सामने चलवाए चिकित्सा उपकरण

इसराना-पानीपत। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के साथ इसराना स्थित एनसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षण संस्थान और अस्पताल परिसर की प्रशासनिक व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितताओं पर कड़ा संज्ञान लिया और कॉलेज प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों, मरीजों और आमजन से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपायुक्त ने अस्पताल में चिकित्सा उपकरण अपने सामने चलवाकर देखे। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ सोमवार को दोपहर बाद करीब ढाई बजे एनसी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वे यहां करीब ढाई घंटे तक रहे। उन्होंने निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों से जुर्माना वसूलने के मामले की प्रमुखता से जानकारी ली। उपायुक्त ने इसके बाद कॉलेज प्रशासन से पूछताछ की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों से किस अधिकार क्षेत्र और किस नियम के तहत जुर्माना राशि ली जा रही है। उन्होंने प्रबंधन से फाइन वसूलने के कानूनी आधार, संबंधित अथॉरिटी और नियमावली का पूरा ब्योरा तलब किया। डीसी ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश सीएमओ को दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया गया तो सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने हाजिरी रजिस्टरों की जांच की और निर्देश दिए कि सभी रिकॉर्ड पारदर्शी और व्यवस्थित होने चाहिए। इस अवसर पर सीएमओ डॉ. विजय मलिक, पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता साबित पन्नू, धर्मवीर गुप्ता, भूषण गुप्ता, दमकल विभाग से गुरमेल सिंह और अमित गोस्वामी मौजूद रहे। उपायुक्त ने कॉलेज के बाद अस्पताल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, त्वचा विज्ञान ओपीडी, नगला ओपीडी और महिला वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने साफ-सफाई, मरीजों को मिल रही सुविधाओं और बेड व्यवस्था की जांच की। उन्होंने कई चिकित्सा उपकरणों को अपने सामने चालू कराकर जांचा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि संक्रमण से बचाव के लिए एक बेड से दूसरे बेड के बीच निर्धारित दूरी होना अनिवार्य है। उपायुक्त ने परिसर की इमारतों के उपयोग पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिस उद्देश्य के लिए भवन का निर्माण किया गया है, उसका इस्तेमाल उसी काम के लिए होना चाहिए। सरकारी व संस्थागत संसाधनों का नियमानुसार प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना प्रबंधन का दायित्व है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में व्यवस्था, पारदर्शिता और नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

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