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पानीपत: बेचने की नीयत से अपहृत 5 साल का मासूम छह दिन बाद सकुशल बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार

पानीपत। जिला पुलिस ने पूरेवाल कॉलोनी से किडनैप किए गए पांच वर्षीय मासूम को सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने मामले में शामिल दो शातिर आरोपियों को दिल्ली जीटी रोड नरेला बाईपास से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इनमें से एक आरोपी पिछले पांच महीनों से पानीपत के डाहर गांव में किराये का मकान लेकर रह रहा था। दोनों आरोपियों ने बच्चे को एक लाख रुपये के लालच में आगे बेचने की नीयत से किडनैप किया था। मंगलवार को जिला सचिवालय स्थित पुलिस विभाग के सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण ने मामले की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 15 सितंबर की देर शाम थाना पुराना औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत पूरेवाल कॉलोनी निवासी फिरदौस ने अपने 5 वर्षीय बेटे के अचानक लापता होने की सूचना दी थी। महिला के मुताबिक उसका पति मीट की रेहड़ी लगाता है। शाम करीब 7:30 बजे उनका सबसे छोटा बेटा रेहड़ी के पास खेल रहा था, लेकिन कुछ ही देर में वह रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब हो गया। काफी खोजबीन के बाद जब कोई सुराग नहीं लगा, तो पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ किडनैपिंग का केस दर्ज कर जांच शुरू की। 30 पुलिसकर्मी और 100 सीसीटीवी कैमरे, सीआईए-1 की टीम ने दिन-रात एक किया मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी ने सीआईए-1 प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया। लगभग 30 पुलिसकर्मियों की टीम ने घटनास्थल और आसपास के सभी रास्तों पर लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी विश्लेषण और खुफिया सूचनाओं के आधार पर पुलिस एक-एक कड़ी जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंचने में कामयाब रही। आखिरकार 21 सितंबर (सोमवार) की शाम सीआईए-1 की टीम ने नरेला बाइपास (दिल्ली) के पास बिछाए गए जाल में दोनों आरोपियों को पकड़ लिया और बच्चे को बिना कोई नुकसान पहुंचाए सुरक्षित छुड़ा लिया। समोसा खिलाने का लालच देकर लखनऊ ले गया था आरोपी पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों की पहचान शंकर लाल निवासी भरगवा, शाहजहांपुर, यूपी, हाल निवासी डाहर, पानीपत और समरतंज्य उर्फ सूरज निवासी जयपालपुर, सीतापुर, यूपी के रूप में हुई है। प्राथमिक पूछताछ में सामने आया कि दोनों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है और दोनों पर यूपी में चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। पूछताछ के दौरान आरोपी शंकर लाल ने खुलासा किया कि आरोपी सूरज ने उसे लखनऊ में कोई छोटा बच्चा लाकर देने पर एक लाख रुपये देने का प्रलोभन दिया था। उसने आगे किसी को बच्चा बेचने का सौदा तय कर रखा था। 15 सितंबर की दोपहर शंकर पूरेवाल कॉलोनी में रेहड़ी के आसपास रेकी करता रहा। शाम को जैसे ही उसकी नजर अकेले खेल रहे बच्चे पर पड़ी, उसने समोसे का लालच दिया, गोद में उठाया और सिवाह बस अड्डे से दिल्ली जाने वाली बस में बैठकर सीधे लखनऊ निकल गया। छह दिन के पुलिस रिमांड पर आरोपी, गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी 21 सितंबर को दोनों आरोपी बच्चे को बेचने के मकसद से लखनऊ से दिल्ली लेकर पहुंचे थे, लेकिन इससे पहले कि वे अपने मंसूबों में कामयाब होते, पानीपत पुलिस ने उन्हें धर दबोचा। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर छह दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। एसपी मेधा भूषण ने बताया कि रिमांड के दौरान गहन पूछताछ की जाएगी कि बच्चा आगे किसको बेचा जाना था और क्या इस अंतरराज्यीय बच्चा चोरी नेटवर्क में अन्य लोग या गिरोह शामिल हैं। एसपी ने स्थानीय नागरिकों का सीसीटीवी कैमरों की जांच और प्राथमिक सूचनाएं साझा करने में पुलिस का पूरा सहयोग करने पर आभार जताया।

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